वैशाली: राघोपुर में बाढ़ ने धारण किया विकराल रूप, लगभग सभी गांवों में घुसा गंगा का पानी; 3 लाख की आबादी त्रस्त, न सामुदायिक रसोई शुरू हुई और न बंटी राहत सामग्री

वैशाली जिले का राघोपुर प्रखंड बाढ़ के कारण पूरी तरह डूब गया है, जिससे 3 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. सामुदायिक रसोई शुरू न होने और राहत सामग्री न बंटने से लोगों में भारी आक्रोश है. बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप होने से संपर्क टूटा हुआ है.

Hajipur News: वैशाली जिले का दियारा क्षेत्र राघोपुर प्रखंड बाढ़ के कारण पूरी तरह जलमग्न हो चुका है और स्थिति अत्यंत भयावह रूप ले चुकी है. गंगा नदी के प्रचंड उफान के कारण प्रखंड के लगभग सभी गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे तीन लाख से अधिक की आबादी अपने हाल पर जीने को विवश है. शिवनगर बिंदा मार्केट से लेकर वीरपुर पंचायत तक चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ पानी का सैलाब नजर आ रहा है. बाढ़ की विकरालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जुड़ावनपुर थाने में भी कई फीट पानी भर गया है और पुलिसकर्मियों को थाने से बाहर आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक राहत तंत्र पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रहा है.

न खुली सामुदायिक रसोई, न बंटी पॉलीथिन शीट; कागजी दावों पर फूटा गुस्सा

बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि अंचल प्रशासन केवल कागजों पर राहत कार्य चला रहा है. प्रखंड की किसी भी पंचायत में अब तक सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की शुरुआत नहीं की जा सकी है. घरों के भीतर कई-कई फीट पानी भर जाने से चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं और रखा हुआ राशन सड़ चुका है. लोग जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे भोजन का प्रबंध कर रहे हैं. चक सिंगार, जुड़ावनपुर बरारी जैसे कुछ इलाकों को छोड़कर अधिकांश गांवों में न तो सरकारी नावों की व्यवस्था की गई है और न ही सिर छुपाने के लिए पॉलीथिन शीट्स या सूखा राशन बांटा गया है. जहांगीरपुर निवासी अर्जुन कुमार ने बताया कि वार्ड संख्या 9, 10 और 11 में लोग कई दिनों से फंसे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से दवा, पशु चारा, नाव या राशन की कोई सुविधा नहीं पहुंचाई गई है.

जुड़ावनपुर थाना में से नाव पर जाते पुलिसकर्मी | Prabhat Khabar Network

कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप, मोबाइल टावर बंद होने से संपर्क टूटा

बाढ़ के पानी के फैलाव के बाद सुरक्षा कारणों से पूरे राघोपुर प्रखंड की विद्युत आपूर्ति पिछले कई दिनों से बंद कर दी गई है. बिजली न होने और जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में इलाके के लगभग सभी मोबाइल टावर बंद हो चुके हैं. नेटवर्क ठप होने से इस भीषण आपदा में फंसे लोग अपने सगे-संबंधियों से संपर्क तक नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों ने भारी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में जब वे मदद के लिए संबंधित अंचल और प्रखंड अधिकारियों को फोन लगाने की कोशिश करते हैं, तो कोई भी जिम्मेदार अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करता.

वीरपुर पंचायत में चारों तरफ नजर आ रहा पानी | Prabhat Khabar Network

घरों में घुसा पानी, मवेशियों संग ऊंचे स्थानों की ओर पलायन को मजबूर लोग

बाढ़ का पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर बहने के कारण चक सिंगार, वीरपुर, शिवनगर, जुड़ावनपुर बरारी, फतेहपुर, बहरामपुर, चांदपुरा, रुस्तमपुर, रामपुर श्यामचंद, जाफराबाद, जहांगीरपुर, मोहनपुर, सैदाबाद, सरायपुर और तेरसिया सहित तमाम पंचायतों के लोग अपने बच्चों और मवेशियों को लेकर ऊंचे बांधों तथा सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं. कई दिनों से जलकैदी बने ग्रामीणों के सामने अब पीने के स्वच्छ पानी और मवेशियों के लिए चारे का भीषण संकट खड़ा हो गया है. जलजनित बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कोई सक्रिय टीम अब तक प्रभावित बस्तियों में नहीं पहुंच सकी है.

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By अभिषेक शाश्वत

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