हाजीपुर में गंगा-गंडक का बढ़ा जलस्तर, 19 पंचायतों के 31 गांव प्रभावित, 101 नावें उतारी गईं, प्रशासन अलर्ट

Floods in Hajipur : शाहपुर प्रखंड में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश ने गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है. प्रखंड का लगभग 70% हिस्सा जलमग्न हो गया है, जिससे 50 से अधिक गांवों में पानी घुस गया है और हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं. कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और नाव ही आवागमन का एकमात्र साधन बची है.

Floods in Hajipur : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि और पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण शाहपुर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. प्रखंड का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ चुका है. 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जबकि हजारों एकड़ में लगी खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं.

कई गांवों में नाव बनी आवागमन का सहारा

बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई जगहों पर आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा रह गई है. ग्रामीण सड़कों पर दो से पांच फीट तक पानी बह रहा है. इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

तीन पंचायतों का सड़क संपर्क प्रभावित

गौरा पुल के उत्तर दिशा में सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने से बहोरनपुर, दामोदरपुर और लाक्षुटोला पंचायत का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है. वहीं ईश्वरपुरा-लालूडेरा पथ पर पानी चढ़ने के कारण लालूडेरा पंचायत का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. बाढ़ का पानी अब लगभग सभी पंचायतों के गांवों के आसपास पहुंच चुका है.

शाहपुर नगर के निचले इलाकों में भी घुसा पानी

शाहपुर नगर पंचायत के निचले इलाकों में मंगलवार की रात बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया. बुधवार की शाम तक नगर के निचले हिस्सों में सैकड़ों एकड़ में लगी खड़ी फसलों में पानी घुस चुका था. इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.

23 विद्यालय दूसरे स्कूलों से किए गए टैग

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र के 23 विद्यालयों को दूसरे विद्यालयों से टैग कर दिया है. कई विद्यालयों में बाढ़ का पानी पहुंचने के कारण पठन-पाठन बाधित हो गया है. प्रशासन की ओर से प्रभावित स्कूलों को लेकर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.

नप क्षेत्र के वार्ड 43 में पानी और गुजरते लोग

एहतियात के तौर पर कई गांवों की बिजली बंद

बाढ़ को देखते हुए विद्युत विभाग ने एहतियात के तौर पर कई गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है. इससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है. वहीं किसानों का कहना है कि जिन खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, वहां लगी फसलों के बर्बाद होने की आशंका काफी बढ़ गई है.

मुखियाओं ने नाव और तिरपाल की मांग की

गौरा, सरना, भरौली, देवमलपुर और बरिसवन पंचायत के मुखियाओं ने बताया कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है. उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त संख्या में नाव और पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने की मांग की है.

लगातार बारिश से बढ़ी तिरपाल की जरूरत

पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण प्रभावित परिवारों के बीच तिरपाल की जरूरत भी बढ़ गई है. पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है.

घाट का निरीक्षण करते अधिकारी

कई पंचायतों में शुरू हुआ सरकारी नावों का परिचालन

सीओ आनंद प्रकाश ने बताया कि बहोरनपुर और लाक्षुटोला समेत कई पंचायतों में आवश्यकता के अनुसार सरकारी नावों का परिचालन शुरू करा दिया गया है. उन्होंने बताया कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

प्रशासन की बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर

बाढ़ के बढ़ते प्रभाव के बीच प्रशासन प्रभावित पंचायतों में स्थिति पर नजर रख रहा है. सरकारी नावों के परिचालन और कंट्रोल रूम के माध्यम से लोगों की जरूरतों की निगरानी की जा रही है. वहीं ग्रामीण लगातार बढ़ते पानी के बीच राहत और आवागमन की सुविधा की मांग कर रहे हैं.

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By कैफ अहमद

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