वैशाली: छह प्रखंडों के 84 गांवों में 91,944 लोग बाढ़ से प्रभावित; जलस्तर घटने के बीच प्रशासन अलर्ट

बिहार के 6 प्रखंडों में बाढ़ से 91,944 लोग प्रभावित हैं. जलस्तर घटने के साथ प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है. जानें ताजा स्थिति और सरकारी मदद.

Hajipur News: वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बाद अब अधिकांश प्रभावित इलाकों में पानी स्थिर होने के साथ-साथ धीरे-धीरे घटने लगा है. रविवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर जिले में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का विस्तृत ब्योरा साझा किया. डीएम ने बताया कि जिले के छह प्रखंड—राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर, महनार, देसरी और सहदेई बुजुर्ग तथा हाजीपुर व महनार नगर परिषद के 13 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वर्तमान में कुल 30 पंचायतों के 84 गांवों में लगभग 91,944 लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं.

29 सामुदायिक रसोइयां और 250 से अधिक नावें राहत कार्य में तैनात

बाढ़ पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 29 सामुदायिक रसोइयों (कम्युनिटी किचन) और तीन राहत शिविरों का सुचारू संचालन किया जा रहा है. डीएम वर्षा सिंह ने बताया कि अब तक जरूरतमंदों के बीच 8,700 ड्राई राशन पैकेट और 15 हजार से अधिक पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया जा चुका है, जबकि मुजफ्फरपुर से 20 हजार अतिरिक्त पॉलीथिन शीट मंगवाई जा रही हैं. जलमग्न टोलों में आवागमन और राहत पहुंचाने के लिए 250 से अधिक देशी/नावों के साथ-साथ एसडीआरएफ की 13 विशेष मोटरबोट्स लगातार गश्त कर रही हैं. साथ ही 14 स्थायी स्वास्थ्य शिविर और मवेशियों के इलाज के लिए सात पशु चिकित्सा शिविर क्रियाशील हैं.

रिंग बांध टूटने की अफवाह खारिज, बीमारियों की रोकथाम के निर्देश

डीएम ने अकिलाबाद में रिंग बांध टूटने की खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य करार दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां मनरेगा योजना के तहत खेतों को जोड़ने के लिए किया गया मिट्टी का भराव कार्य पानी के तेज संपर्क में आने से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसे बांध टूटना कहना गलत है. उन्होंने बताया कि तिरहुत तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और कहीं भी ओवरटॉपिंग की स्थिति नहीं है. जलस्तर में कमी आने के साथ महामारियों और जलजनित रोगों के प्रसार को रोकने के लिए व्यापक पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और चापाकलों में हैलोजन टैबलेट डालने का निर्देश दिया गया है. जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) सहायता के लिए सर्वेक्षण शुरू हो चुका है और पोर्टल खुलते ही एसओपी के अनुसार अनुग्रह राशि पीड़ितों के खातों में भेजी जाएगी.

रुस्तमपुर थाना पानी में डूबा, नए भवन की पहली मंजिल पर शिफ्ट

प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने विधि-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस महकमे के लिहाज से राघोपुर, रुस्तमपुर और जुड़ावनपुर थाने बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. रुस्तमपुर थाना परिसर और भवन में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण थाने के दैनिक कामकाज को नवनिर्मित थाना भवन के प्रथम तल पर स्थानांतरित किया जा रहा है. एसपी ने कहा कि राहत सामग्री वितरण और सामुदायिक रसोइयों पर भीड़ नियंत्रण व शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस गश्ती दल लगातार निगरानी रख रहे हैं और किसी भी आपात सूचना पर तुरंत त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.

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By कैफ अहमद

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