नौकरी के समय दिए दिव्यांग प्रमाण पत्रों की खुली पोल? जांच में 5 संदिग्ध, वैशाली के 4 शिक्षक निलंबित

हाजीपुर में दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की जांच में बड़ी कार्रवाई, फर्जी दस्तावेज मिलने पर 4 शिक्षकों को निलंबित किया गया और एक के खिलाफ अनुशंसा की गई।

Verification Teacher's Disability Certificate : हाजीपुर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्त विद्यालय अध्यापकों, प्रधान शिक्षकों और नवनियुक्त प्रधानाध्यापकों के प्रमाण पत्रों का मेडिकल बोर्ड से भौतिक सत्यापन कराया गया. असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ने नियुक्ति के समय प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण पत्रों और दिव्यांगता की स्थिति की जांच की.

151 दिव्यांग शिक्षक मेडिकल बोर्ड के समझ उपस्थित हुये

जिले में कार्यरत कुल 157 शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों में से 151 मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए. जांच के दौरान पांच शिक्षकों के नियुक्ति के समय प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाण पत्रों में अनियमितता या गलत पाए जाने की पुष्टि हुई है. मामले में जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है.

फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर इन शिक्षकों को किया निलंबित

प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान चार शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इनमें बिदुपुर दाउदनगर चकगढ़ो स्थित मध्य विद्यालय के शिक्षक लाला कुमार, भगवानपुर खिरखावां उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक विशिष्ठ कुमार, लालगंज दलित टोला स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका एकता तिवारी और राजापाकर लक्ष्मीपुर बखरी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सोनू कुमार शामिल हैं.

एचएम के निलंबन के लिए अनुशंसा भेजी गयी

वहीं हाजीपुर पानापुर लंगा स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन के संबंध में निलंबन की कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को अनुशंसा भेजी गयी है.

21 शिक्षकों को आईजीआईएमएस रेफर, दोबारा होगा सत्यापन

भौतिक सत्यापन के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर विस्तृत जांच की आवश्यकता पाए जाने पर 21 शिक्षकों को आईजीआईएमएस, पटना रेफर किया गया है. वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी दिव्यांगता की स्थिति का दोबारा परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा.

इसके अलावा चार शिक्षक जांच समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए. उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए वेतन स्थगित कर स्पष्टीकरण की मांग की गयी है.

अनियमितता मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति के समय प्रस्तुत प्रमाण पत्रों की सत्यता और पात्रता का सत्यापन पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है. सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी.

Also Read : हाजीपुर ठेकेदार हत्याकांड की पूरी कहानी, दो बाइक से पहुंचे थे आरोपी, 10 सेकेंड में मारी 5 गोलियां, तस्वीरों से समझिए पूरा घटनाक्रम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कैफ अहमद

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >