Hajipur News : महनार के लाहौरीचक से हसनपुर बॉर्डर तक शुक्रवार सुबह से गंगा नदी में बड़ी मात्रा में मलबा बहता नजर आया. दोपहर बाद तेज धारा के साथ पेड़-पौधे, लकड़ियां और अन्य सामग्री लगातार बहकर तटवर्ती इलाकों तक पहुंचती रही. नदी में जगह-जगह जमा मलबे से अब दुर्गंध भी उठने लगी है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.
गंगा किनारे फैलने लगी सड़ांध
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा किनारे इन दिनों हवा में सड़ांध जैसी तेज बदबू महसूस हो रही है. पानी के साथ बहकर आए मलबे के सड़ने से दुर्गंध फैल रही है. इससे तटवर्ती इलाकों का वातावरण प्रभावित होने की आशंका है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बाढ़ के पानी के साथ मलबा आने की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार नेपाल के ऊपरी इलाकों में आयी बाढ़ के बाद नदियों के जलप्रवाह में वृद्धि हुई है. इसी बढ़े जलप्रवाह के साथ बड़ी मात्रा में पेड़-पौधे, लकड़ियां और अन्य मलबा गंगा में पहुंचने की बात कही जा रही है. लाहौरीचक से हसनपुर बॉर्डर तक नदी में दूर तक दिखाई दे रहे मलबे ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
छिड़काव कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा तट और आसपास जमा मलबे की स्थिति का जायजा लेने की मांग की है. लोगों का कहना है कि दुर्गंध और संभावित प्रदूषण को देखते हुए तत्काल जरूरी कदम उठाये जाने चाहिए. ग्रामीणों ने प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग, चूना और गेमेक्सिन पाउडर का छिड़काव कराने की भी मांग की है, ताकि दुर्गंध और संक्रमण की आशंका को कम किया जा सके.
