hajipur news. सार्वजनिक बैंकों के कम सीडी रेशियो पर डीडीसी ने जतायी नाराजगी

डीडीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में विकास योजनाओं की हुई समीक्षा, ऋण प्रवाह बढ़ाने के दिये निर्देश

हाजीपुर. डीडीसी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की दिसंबर तिमाही की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में वैशाली जिले में कार्यरत सभी सरकारी एवं निजी बैंकों के प्रदर्शन, सीडी रेशियो (ऋण जमा अनुपात) और विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक में सार्वजनिक बैंकों के कम सीडी रेशियो पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जतायी और निर्देश दिया कि बैंक संवेदनशील होकर ऋण प्रवाह बढ़ाने का प्रयास करें. उन्होंने सरकार प्रायोजित योजनाओं, विशेषकर सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर दिया. इनमें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शामिल हैं. डीडीसी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लंबित सब्सिडी और ऋण राशि को जल्द निपटाने के निर्देश दिए. एलडीएम, वैशाली ने बैठक में निजी बैंकों द्वारा सरकारी योजनाओं की अनदेखी पर असंतोष व्यक्त किया.

कृषि एवं एमएसएमइ क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर

बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक लक्ष्मण कुमार ने कृषि और एमएसएमई क्षेत्र में 100% लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के सुझाव दिए. डीडीसी ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि किसानों को अधिक ऋण मुहैया कराकर कृषि क्षेत्र को विकसित करने में सहयोग करें. डीडीसी ने बैंकों को आमजन को सीबील स्कोर के महत्व के बारे में जागरूक करने का भी निर्देश दिया, ताकि एनपीए की समस्या को कम किया जा सके. साथ ही केसीसी ऋण प्रवाह में तेजी लाने के लिए भी निर्देश दिये गये. बैठक का संयोजन अग्रणी जिला प्रबंधक कुमार समरेंद्र ने किया, जबकि रूडसेट संस्थान, हाजीपुर के निदेशक सुनील कुमार सहित जिले के सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

रूडसेट संस्थान की बैठक में प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा

डीएलसीसी बैठक के बाद उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में रूडसेट संस्थान, हाजीपुर की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की त्रैमासिक बैठक भी आयोजित की गयी. संस्थान के निदेशक सुनील कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1250 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य था, लेकिन 1325 युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया गया. डीडीसी ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जारी रखने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग आत्मनिर्भर बन सकें. बैठक के दौरान नाबार्ड के डीजीएम लक्ष्मण कुमार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संभाव्यता युक्त ऋण योजना पुस्तक का अनावरण डीडीसी से कराया.

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Published by: Shashi kant kumar

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