Hajipur News : वैशाली जिला अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने बलात्कार के प्रयास के एक मामले में दोषी करार दिए गए अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
चाकू के बल पर किया था दुष्कर्म का प्रयास
लोक अभियोजक श्याम बाबू राय ने बताया कि घटना लालगंज थाना क्षेत्र की है. 12 अप्रैल 2015 को परिवार के अन्य सदस्य गेहूं काटने खेत गए थे और अविवाहित पीड़िता घर में अकेली थी. इसी दौरान गांव के ही संतोष कुमार अपने एक अज्ञात सहयोगी के साथ घर में घुस गया और चाकू के बल पर दुष्कर्म का प्रयास किया.
शोर मचाकर भागी पीड़िता
पीड़िता के चिल्लाने पर अभियुक्त ने उसका मुंह दबा दिया और अपने सहयोगी को छत पर पहरा देने के लिए भेज दिया. इसी बीच जब अभियुक्त लाइट बंद करने गया तो पीड़िता मौका पाकर घर से बाहर भागी और खेत में मौजूद अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी.
2015 में दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता के बयान पर लालगंज थाना कांड संख्या-83/15 दर्ज किया गया. पुलिस अनुसंधान के बाद 31 अगस्त 2015 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, जबकि 9 मई 2018 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय किए गए.
चार गवाहों की गवाही पर दोषी करार
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता सहित चार गवाहों की गवाही कराई गई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 31 जुलाई 2026 को अभियुक्त संतोष कुमार को दोषी करार दिया.
7 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना
सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह की अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी.
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