hajipur news. अतिक्रमण से सिकुड़ती जा रहीं शहर की सड़केंवाहन पड़ाव नहीं होने के कारण ई रिक्शा चालकों का सड़क पर कब्जाकुछ मीटर की दूरी तय करने में लोगों को होती है भारी परेशानीहाजीपुर शहर की अधिकांश सड़के अतिक्रमण के कारण सिकुड़ती जा रही है. जिसके कारण हाजीपुर शहरवासियों को आये दिन जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है. पिछले 15 दिनों से शहर विभिन्न चौक पर में लग रहे जाम के कारण लोगों की काफी परेशानी बढ़ गयी है. शहर में जाम का मुख्य कारण शहर की सड़कों के दोनों ओर ठेला व खोमचा लगाने के साथ ही सड़कों पर ई रिक्शा चालकों का कब्जा है. राजेंद्र चौक से कचहरी रोड की सड़क के दोनों ओर सुबह से लेकर शाम तक ठेला व खोमचा लगाकर दुकानदारी करते है. तो वहीं गांधी चौक, ई रिक्शा चालकों के लिए अस्थाई स्टैंड बन गया है. राजेंद्र चौक से सुभाष चौक के बीच भी यही हाल है, त्योहारों के दिन में शहर की स्थिति और भी खराब हो जाती है. एक तो पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. वहीं दूसरी ओर ठेले-खोमचे वालों का सड़क पर कब्जा रहता है. जिसके कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती है हाजीपुर शहर वासाियों को जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन कोई कार्रवाई कर रही न ही नगर परिषद, जिसके कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है. पिछले पांच सालों में न रूट तय, न स्टैंड का पताशहर में पिछले कुछ महीनों में ई रिक्शा की संख्या काफी बढ़ी है, ई. रिक्शा के बढ़ते दबाव ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त कर दी है. पिछले पांच साल से अधिक समय से शहर में चल रही ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो रूट तय किया गया न ही स्टैंड तय किया गया. वहीं दूसरी ओर ई -रिक्शा चालकों की मनमानी तरीके से चलने से शहर में जाम की समस्या और गंभीर हो गयी है. राजेंद्र चौक से कचहरी रोड एवं राजेंद्र चौक से सुभाष चौक सहित बुद्ध मूर्ति चौक के अलावा समाहरणालय के समीप सुबह से ही ई-रिक्शा की लंबी लाइन देखने को मिल रही है. चालक ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख कर गाड़ी चला रहे..सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर मनमाने तरीके से ई-रिक्शा को रोक कर यात्रियों को बैठाने और उतारने का सिलसिला लगा रहता है. जिससे शहर में पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है. कचहरी रोड निवासी विकास कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा आने के बाद शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए आम लोगों के लिए सबसे सस्ते साधन के तौर पर लोग इस सवारी को पंसद कर रहे थे. मगर वर्तमान समय में सुगम और सस्ते यातायात के बदले लोगों के लिए अब सिर दर्द साबित होता जा रह है. पिछले तीन सालों में शहर में ई-रिक्शा की संख्या में काफी बढ़ी है मगर अब तक इनका रूट तय किया गया है, और न ही ई-रिक्शा की ठहराव के लिए स्टैंड तय किया गया है. जिसके कारण शहर में जाम की समस्या और गंभीर होती जा रही है. क्या कहते हैं पदाधिकारीजाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए चौक चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है. लेकिन शहर में वाहन पार्किंग नहीं होना जाम की समस्या का सबसे बड़ा कारण है. इस संबंध में वरीय पदाधिकारियों को जानकारी दी गई है. ई रिक्शा चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. हाल के दिनों में विशेष अभियान चलाया गया था. फिर से ये अभियान चलाया जायेगा. - अजय कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष, यातायात थाना, हाजीपुर. .

वाहन पड़ाव नहीं होने के कारण इ-रिक्शा चालकों का सड़क पर कब्जा, कुछ मीटर की दूरी तय करने में लोगों को होती है भारी परेशानी

हाजीपुर शहर की अधिकांश सड़के अतिक्रमण के कारण सिकुड़ती जा रही है. जिसके कारण हाजीपुर शहरवासियों को आये दिन जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है. पिछले 15 दिनों से शहर विभिन्न चौक पर में लग रहे जाम के कारण लोगों की काफी परेशानी बढ़ गयी है. शहर में जाम का मुख्य कारण शहर की सड़कों के दोनों ओर ठेला व खोमचा लगाने के साथ ही सड़कों पर ई रिक्शा चालकों का कब्जा है. राजेंद्र चौक से कचहरी रोड की सड़क के दोनों ओर सुबह से लेकर शाम तक ठेला व खोमचा लगाकर दुकानदारी करते है. तो वहीं गांधी चौक, ई रिक्शा चालकों के लिए अस्थाई स्टैंड बन गया है. राजेंद्र चौक से सुभाष चौक के बीच भी यही हाल है, त्योहारों के दिन में शहर की स्थिति और भी खराब हो जाती है. एक तो पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. वहीं दूसरी ओर ठेले-खोमचे वालों का सड़क पर कब्जा रहता है. जिसके कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती है हाजीपुर शहर वासाियों को जाम से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन कोई कार्रवाई कर रही न ही नगर परिषद, जिसके कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है.

पिछले पांच सालों में रूट तय नहीं

शहर में पिछले कुछ महीनों में ई रिक्शा की संख्या काफी बढ़ी है, ई. रिक्शा के बढ़ते दबाव ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त कर दी है. पिछले पांच साल से अधिक समय से शहर में चल रही ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो रूट तय किया गया न ही स्टैंड तय किया गया. वहीं दूसरी ओर ई -रिक्शा चालकों की मनमानी तरीके से चलने से शहर में जाम की समस्या और गंभीर हो गयी है. राजेंद्र चौक से कचहरी रोड एवं राजेंद्र चौक से सुभाष चौक सहित बुद्ध मूर्ति चौक के अलावा समाहरणालय के समीप सुबह से ही ई-रिक्शा की लंबी लाइन देखने को मिल रही है. चालक ट्रैफिक नियमों को ताक पर रख कर गाड़ी चला रहे..सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर मनमाने तरीके से ई-रिक्शा को रोक कर यात्रियों को बैठाने और उतारने का सिलसिला लगा रहता है. जिससे शहर में पूरे दिन जाम की समस्या बनी रहती है.

कचहरी रोड निवासी विकास कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा आने के बाद शहर में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए आम लोगों के लिए सबसे सस्ते साधन के तौर पर लोग इस सवारी को पंसद कर रहे थे. मगर वर्तमान समय में सुगम और सस्ते यातायात के बदले लोगों के लिए अब सिर दर्द साबित होता जा रह है. पिछले तीन सालों में शहर में ई-रिक्शा की संख्या में काफी बढ़ी है मगर अब तक इनका रूट तय किया गया है, और न ही ई-रिक्शा की ठहराव के लिए स्टैंड तय किया गया है. जिसके कारण शहर में जाम की समस्या और गंभीर होती जा रही है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए चौक चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है. लेकिन शहर में वाहन पार्किंग नहीं होना जाम की समस्या का सबसे बड़ा कारण है. इस संबंध में वरीय पदाधिकारियों को जानकारी दी गई है. ई रिक्शा चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. हाल के दिनों में विशेष अभियान चलाया गया था. फिर से ये अभियान चलाया जायेगा.

अजय कुमार मिश्रा, थानाध्यक्ष, यातायात थाना, हाजीपुर.

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