hajipur news. स्टार्टअप सेल चलाने में चकसिकंदर इंजीनियरिंग काॅलेज राज्य में अव्वल

महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ अनंत कुमार बताते हैं कि वैशाली जिले का स्टार्टअप सेल, जो अभियंत्रण महाविद्यालय में स्थित है, सर्वोच्च स्थान प्राप्त करता रहा है महाविद्यालय में व्यवस्थित पठन-पाठन, अनुशासन, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधि के साथ ही छात्र-छात्राओं को मात्र रोजगार दिलाने का लक्ष्य न रखकर, रोजगार देने वाला बनाने की सरकार के उद्देश्य की पूर्ति के लिए महाविद्यालय परिवार लगातार प्रतिबद्ध है

बिदुपुर . चकसिकंदर स्थित विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पूरे बिहार के 46 स्टार्टअप सेल का लगातार नेतृत्व कर रहा है. मासिक प्रगति पत्र की रिपोर्ट के हिसाब से 100 में 87 अंक प्राप्त कर यह बिहार में महाविद्यालय सर्वोच्च स्थान पर है. इस संंबंध में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ अनंत कुमार बताते हैं कि वैशाली जिले का स्टार्टअप सेल, जो अभियंत्रण महाविद्यालय में स्थित है, सर्वोच्च स्थान प्राप्त करता रहा है. महाविद्यालय में व्यवस्थित पठन-पाठन, अनुशासन, सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधि के साथ ही छात्र-छात्राओं को मात्र रोजगार दिलाने का लक्ष्य न रखकर, रोजगार देने वाला बनाने की सरकार के उद्देश्य की पूर्ति के लिए महाविद्यालय परिवार लगातार प्रतिबद्ध है. स्टार्टअप सेल के समन्वयक इ देवाशीष के कुशल नेतृत्व एवं इंचार्ज प्रो सुमित लाल एवं प्रो आलोक कुमार तथा छात्र-छात्राओं के समेकित प्रयास से पूरे बिहार का महाविद्यालय नेतृत्व कर रहा है. इस मौके पर उपस्थित जिला को-ऑर्डिनेटर इ देवाशीष कुमार ने बताया कि पूरे बिहार के सभी स्टार्टअप सेल्स का 13 बिंदुओं के आधार पर अंक प्रदान किया जाता है और इसी के आधार पर स्थान निर्धारित की जाती है. मूल्यांकन के बिंदुओं में स्टार्टअप समर्थन सेल, अनुदान, सोशल मीडिया का योगदान, गतिविधि, आउटरीच प्रोग्राम, इवेंट्स, मेंटरिंग सेशन, उद्योग जगत से तालमेल, रोजगार परक शिक्षा, रोजगार के नवाचार में अतिरिक्त योगदान आदि शामिल हैं. वैशाली जिले के सर्वोच्च स्थान लाने के पीछे योजनाबद्ध तरीके से कार्य को संपन्न कराना है. देवाशीष ने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय के प्राचार्य, प्रोफेसर तथा स्टाफ के साथ ही छात्र-छात्राओं का भरपूर सहयोग मिलता है. प्रत्येक तीन महीने पर छात्र-छात्राओं की टीम का परफाॅर्मेंस के आधार पर समीक्षा करके उसमें बदलाव किया जाता है, ताकि गुणवत्ता में कमी न आये. वर्तमान में छात्र-छात्राओं की टीम का नेतृत्व अंकित राज के द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अमन कुमार, आयुष कुमार, दीपक कुमार तथा पुरुषोत्तम कुमार आदि शामिल हैं. मालूम हो कि वर्तमान में वैशाली जिले में 30 से ज्यादा स्टार्टअप सेल सक्रिय हैं. जिसमें पांच स्टार्टअप सेल राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के द्वारा चलाए जा रहा हैं. महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डाॅ प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बिहार में सर्वोच्च स्थान लाने के साथ ही पूरे महाविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है.

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