सायरन की आवाज के साथ ही गांधी सेतु पर 15 मिनट केे लिए थमी वाहनों की रफ्तार

पटना समेत बिहार के छह जिलों में शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की गयी

हाजीपुर. पटना समेत बिहार के छह जिलों में शाम 7:00 बजे से 7:15 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की गयी. इस दौरान सड़कों पर गाड़ियां रुकी रहीं और पूरा शहर 15 मिनट के के लिए अंधेरे में रहा. गुरुवार की शाम 7 बजते ही सायरन की आवाज गूंजी और पूरा शहर ब्लैकआउट हो गया. इस दौरान उत्तर बिहार को पटना (दक्षिण बिहार) से जोड़ने वाला महात्मा गांधी सेतु पर लाइटें बंद की गयी थी. महात्मा गांधी सेतु पर विशेष निगरानी के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गयी थी. इस दौरान महात्मा गांधी सेतु के पाया नंबर एक के पास ट्रैफिक डीएसपी प्रेम सागर साथ गंगाब्रिज थानाध्यक्ष दीपक कुमार, यातायात थानाध्यक्ष सहित काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. सायरन बजते ही सेतु के दोनों लेने पर चल रही वाहनों को जहां थे, वही रोक दिया गया. गाड़ियों को भी निर्धारित समय तक रोककर उनकी हेडलाइट बंद कराई गयी थी. अचानक महात्मा गांधी सेतु पर लाइन बदं कर कर वाहनों को रोक देने से लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया था. हालांकि सेतु पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों ने लोगों को बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है. प्रशासन द्वारा बताया गया कि आपदा और हवाई हमले जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक व्यापक मॉकड्रिल आयोजित किया गया है, जिसमें सिविल डिफेंस की तैयारियों को परखा जाएगा. यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है. ब्लैक आउट मॉक ड्रिल के बाद महात्मा गांधी सेतु पर लगा जाम : ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के बाद महात्मा गांधी सेतु के दोनों लेन पर भीषण जाम लग गया था. महात्मा गांधी सेतु से हर मिनट लगभग 100 से अधिक वाहन गुजरते हैं. ऐसे में यदि 15 मिनट तक पुल पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से हाजीपुर-पटना मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया था. जाम के कारण महात्मा गांधी सेतु पर पाया नंबर एक से जीरो माइल (पटना) तक भीषण जाम लग गया था. इधर पाया नंबर एक से जढुआ, रामाशीष चौक और महुआ मोड़ तक छोटे और बड़े वाहनो की लंबी लाइन लग गयी थी. जाम के कारण लोग घंटो फंसे रहे. इधर सेतु पर लगे भीषण जाम को देखते हुए जाम में फंसी वाहनों को निकालने के लिए डयूटी पर तैनात पुलिस कर्मी वाहनों को कतार बद्ध तरीके से निकालने में जुटे रहे, मगर इसके बाद भी लोगो को घंटों जाम में फंसे रहे. लगभग दो से तीन घंटे के बाद लोगों को जाम से कुछ राहत मिली.

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Author: Deepak Raj

Deepak Raj is a contributor at Prabhat Khabar.

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