हाजीपुर में बाढ़ से 2.98 लाख आबादी प्रभावित, 261 नावें और 34 सामुदायिक रसोई राहत में जुटीं

वैशाली जिले में गंगा और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर से हाहाकार मचा है. 6 प्रखंडों के 87 गांवों की 2.98 लाख से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है. जिला प्रशासन 261 नावों और 34 सामुदायिक रसोई के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचा रहा है.

Vaishali Flood: जिले में गंगा एवं गंडक नदी के जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. वर्तमान में जिले के छह प्रखंड राघोपुर, हाजीपुर, महनार, देसरी, सहदेई बुजुर्ग एवं बिदुपुर बाढ़ से प्रभावित हैं. इन प्रखंडों की 32 पंचायतों के 87 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. इसके अलावा जिले के दो नगर परिषद क्षेत्रों के 14 वार्ड भी बाढ़ प्रभावित हैं. जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक जिले में कुल 2,98,800 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है.

261 नावों से लोगों को मिल रही राहत

बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत-बचाव के लिए कुल 261 नावों का परिचालन किया जा रहा है. इनमें एक मोटर बोट, सात सरकारी नाव और 253 निजी नाव शामिल हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को अब तक 41,272 पॉलिथीन शीट और 17,100 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं. इसके अलावा 1,500 फूड पैकेट भी बांटे गए हैं.

34 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन

बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 34 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इन रसोइयों के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

21 स्वास्थ्य शिविरों में 2,300 लोगों का उपचार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 21 स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में प्रभावित नागरिकों की निःशुल्क जांच और उपचार किया जा रहा है. अब तक करीब 2,300 लोगों का उपचार किया जा चुका है.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक चिकित्सकीय सामग्री उपलब्ध कराने के लिए 5,000 मेडिकल किट वितरित किए गए हैं. जलजनित बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छता को लेकर अब तक कुल 11,415 हैलोजन टैबलेट का वितरण किया गया है.

पशु चिकित्सा शिविरों में 421 पशुओं का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के उपचार और पशुपालकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए 10 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में अब तक 421 पशुओं का उपचार किया गया है. पशुओं के लिए 69,990 किलोग्राम चारा भी वितरित किया जा चुका है.

तटबंधों की लगातार निगरानी

जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. संबंधित पदाधिकारी और कर्मी क्षेत्र में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. तटबंधों की सतत निगरानी के साथ आवश्यकता के अनुसार पेट्रोलिंग और अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं.

24 घंटे सक्रिय हैं नियंत्रण कक्ष

आपात स्थिति या बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना एवं सहायता के लिए नागरिक 24 घंटे नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं.

  • जिला नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233, 06224-260234
  • अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215
  • अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, महनार: 06229-299950

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. लोगों से नदी के किनारे, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से अनावश्यक रूप से दूर रहने को कहा गया है. विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को बाढ़ के पानी, नदी तथा तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखने की अपील की गई है.

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By कैफ अहमद

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