Hajipur News: स्वास्थ्य संघ के आह्वान पर बुधवार को बिदुपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ओपीडी और इमरजेंसी सेवा पूरी तरह ठप रही. स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
इस दौरान कई मरीज अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते नजर आए.
सिविल सर्जन के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में हड़ताल
जानकारी के अनुसार अरवल जिले के सिविल सर्जन के साथ किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में बिहार के सरकारी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए.
हड़ताल के कारण राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं.
प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का होता है इलाज
बताया जाता है कि बिदुपुर सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 150 मरीजों का इलाज किया जाता है.
वहीं इमरजेंसी सेवा में भी प्रतिदिन करीब 25 से 30 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.
लेकिन बुधवार को हड़ताल के कारण दोनों सेवाएं बंद रहने से मरीजों को काफी परेशानी हुई.
आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को हुई परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकारी अस्पताल इलाज का सबसे बड़ा सहारा है.
ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहने से गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
हड़ताल के कारण पूरे दिन बिदुपुर सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित रही और इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा.
