Hajipur News: वैशाली जिले के देसरी प्रखंड अंतर्गत भीखनपुरा पंचायत के मुखिया अखिलेश रजक को पंचायती राज विभाग ने पद से हटा दिया है. पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अखिलेश रजक को तत्काल प्रभाव से मुखिया पद से पदच्युत किया गया है. साथ ही उन्हें अगले पांच वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है.
आयुक्त की अनुशंसा पर हुई कार्रवाई
पंचायती राज विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई उप निदेशक पंचायती राज, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के माध्यम से प्राप्त रिपोर्ट तथा तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त द्वारा वाद संख्या 06/2025 में पारित आदेश की अनुशंसा के आधार पर की गई है.
वित्तीय अनियमितता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप
आदेश के अनुसार, मुखिया अखिलेश रजक पर बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत निहित शक्तियों के दुरुपयोग, विभागीय निर्देशों की अवहेलना, कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे.
बताया गया कि पंचायत के सभी 16 वार्डों में दो-दो सामुदायिक सोख्ता निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं कराया गया. इसके अलावा निर्वाचन के लगभग आठ महीने बाद स्थायी समितियों का गठन किया गया तथा सात में से छह समितियों का अध्यक्ष स्वयं को नामित कर लिया गया.
सुनवाई में मुखिया ने रखा अपना पक्ष
विभाग की ओर से नोटिस जारी कर 23 दिसंबर 2025 को सुनवाई की गई, जिसमें अखिलेश रजक ने लिखित अभ्यावेदन के माध्यम से अपना पक्ष रखा. उन्होंने स्वीकार किया कि स्थायी समितियों के गठन में त्रुटि हुई थी, जिसे बाद में सुधारते हुए समितियों को भंग कर दिया गया. वहीं सोख्ता निर्माण मामले में उन्होंने कहा कि जांच समिति ने बिना भौतिक सत्यापन के ही रिपोर्ट तैयार कर दी.
धारा 18(5) के तहत जारी हुआ आदेश
सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद आयुक्त की अनुशंसा एवं आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 की धारा 18(5) के तहत अखिलेश रजक को मुखिया पद से हटाने का आदेश जारी किया. साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया कि वे अगले पांच वर्षों तक पंचायत चुनाव के किसी भी पद के लिए उम्मीदवार बनने के पात्र नहीं होंगे.
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