gopalganj news : गोपालगंज. जहां कभी बंदुकें गरजती थीं. दिन में भी लोगों को जाने का साहस नहीं होता था. बरसात में नदी की तबाही उसके बाद जंगल पार्टी का अभयारण्य के रूप में दियारा विख्यात था.
गोपालगंज से बेतिया को जोड़ने वाली सड़क से बदला माहौल
गोपालगंज से बेतिया को जोड़ने वाले हाइवे के निर्माण होने से इलाका का माहौल बदल चुका है. नारायणी नदी पर महासेतु के निर्माण होने से इलाके के सैकड़ाें गांव की कनेक्टिविटी जुड़ी. यहां अब बेहतर संपर्क मार्ग होने से दियारे की तस्वीर बदल चुकी है.इंडस्ट्री लगने से बाढ़ से मिलेगी निजात
रामपुर टेंगराही व रजवाही में इंडस्ट्री बनने से नारायणी नदी के बाढ़ से निजात मिलेगी. इंडस्ट्री के लिए यह इलाका काफी उपयोगी है. यहां नदी में हमेशा पानी रहने से इंडस्ट्री को काफी लाभ मिलेगा. फैक्ट्रियों को लगने से सड़कें और बेहतर होंगी. नदी की धारा को रोकने का भी इंतजाम सरकार करेगी. पूरा इलाका कभी श्राप था, जो अब समृद्ध बनने की राह पर आ गया है.सरकार ने बदली दियारा की तस्वीरें
बिहार में 2005 में बिहार में एनडीए की सरकार बनी. दियारा में फैले अपराधियों पर सरकार ने शिकंजा कसा. अपराधी या तो मारे गये या अपना मार्ग बदल लिये. दियारा की तस्वीर बदलने लगी. जंगल पार्टी से दियारा मुक्त होने के साथ बाढ़ से भी निजात दिलाने के लिए कोशिश कम नहीं हुई. विशुनपुर-अहिरौली दान में गाइड बांध बनाया गया. अब तटबंध को सड़क में बदलने का काम शुरू है.दियारा की बदलेगी सूरत : डीएम
डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि दियारा में सरकारी जमीनों को चिह्नित किया गया है. वहां इंडस्ट्रियल इलाका बनाने का काम चल रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है