धरती पर जब-जब पाप बढ़ता है, तब-तब ईश्वर लेते हैं अवतार

भोरे प्रखंड के जागीरदारी बगहवां गांव में स्थित शिक्षक संजय द्विवेदी के आवास पर नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है.

भोरे. भोरे प्रखंड के जागीरदारी बगहवां गांव में स्थित शिक्षक संजय द्विवेदी के आवास पर नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन भक्तिभाव के साथ किया जा रहा है. इस पावन आयोजन में सुप्रसिद्ध कथा वाचक पवन बिहारी शरण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण की दिव्य कथाओं से ओतप्रोत किया. कथा के छठे दिन पवन बिहारी शरण जी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनायी, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की पुनः स्थापना हेतु हुआ था. अत्याचारी कंस के आतंक से मुक्ति दिलाने और भक्ति, प्रेम, करुणा तथा धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए भगवान ने मथुरा में जन्म लिया. कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब धरती पर पाप और अन्याय का अति हो जाता है, तब ईश्वर अवतरित होते हैं. उन्होंने आगे कहा कि भागवत कथा मात्र कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली ज्ञान गंगा है. इससे न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि जीवन में नैतिक मूल्यों और सदाचार की भावना भी प्रबल होती है.

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By AWEDHESH KUMAR RAJA

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