Gopalganj Voter Awareness : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बिहार के गोपालगंज जिले में भविष्य के मतदाताओं (छात्रों) को जागरूक करने का महाअभियान शुरू हो गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-डीएम समीर सौरभ के निर्देश पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में 'मतदाता साक्षरता क्लब' के माध्यम से छात्र-छात्राओं को मतदान के अधिकार, EVM-VVPAT की कार्यप्रणाली और लोकतंत्र में एक-एक वोट के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है.
9वीं से 12वीं तक के छात्रों के बीच चला अभियान
जिले के हथुआ विधानसभा क्षेत्र के उचकागांव प्रखंड, भोरे विधानसभा क्षेत्र के पंचदेवरी और कटेया प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य इन युवा छात्रों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, निर्वाचन प्रक्रिया, स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के महत्व से रू-ब-रू कराना है. छात्रों को बताया गया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारा सबसे बड़ा दायित्व है.
EVM और VVPAT की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा
कार्यक्रम के दौरान मतदान की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और रोचक तरीके से समझाया गया. विद्यार्थियों को बताया गया कि मतदान केंद्र पर मतदाता का प्रवेश कैसे होता है, पहचान सत्यापन कैसे किया जाता है और रजिस्टर में अंगूठे का निशान या हस्ताक्षर का क्या महत्व है. इसके साथ ही, छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीन के जरिए वोट डालने, मतगणना की प्रक्रिया और परिणामों की घोषणा में पारदर्शिता के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया.
पेंटिंग, स्लोगन और रोल प्ले से दिया गया संदेश
छात्रों की रुचि और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया. इसमें रोल प्ले, भाषण, पेंटिंग, स्लोगन लेखन, कोलाज निर्माण और संगीत शामिल रहे. रोल प्ले के माध्यम से छात्रों ने मतदान केंद्र का जीवंत प्रदर्शन किया. वहीं, "मतदान हमारा अधिकार और कर्तव्य है", "सशक्त लोकतंत्र के लिए जागरूक मतदाता" और "पहले मतदान, फिर अन्य काम" जैसे स्लोगन लिखकर छात्रों ने लोगों को जागरूक किया.
परिवार और पड़ोसियों का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने की अपील
इस अभियान का लक्ष्य केवल छात्रों को जागरूक करना नहीं था, बल्कि उन्हें 'लोकतंत्र का प्रहरी' बनाना था. छात्रों से यह अपील की गई कि वे अपने परिवार और पड़ोस के लोगों को भी मतदान के लिए जागरूक करें. जिन युवाओं या सदस्यों की आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए उन्हें प्रेरित करें.
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