थावे. पूर्वोत्तर रेलवे के थावे-छपरा रेल खंड पर भेड़िया गांव के समीप स्थित रेलवे ढाला संख्या 68/सी पर अंडरपास निर्माण को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने रेल प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्थानीय हालात को समझे अंडरपास निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिससे गांव की चार हजार से अधिक आबादी को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी. ग्रामीणों के अनुसार भेड़िया गांव पहले से ही चारों ओर से रेलवे लाइन से घिरा हुआ है और ढाला संख्या 68/सी ही गांव को थावे और गोपालगंज से जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग है. शुक्रवार को जैसे ही अंडरपास निर्माण के लिए पाइलिंग मशीन मौके पर पहुंची, ग्रामीणों ने एकजुट होकर काम रोक दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
सालभर जलजमाव की जताई आशंका
ग्रामीण मनन सिंह ने बताया कि रेलवे ढाले के पास ही एक बड़ा चंवर है, जहां वर्षभर जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में यदि यहां अंडरपास बनाया गया, तो उसमें हमेशा पानी भरा रहेगा, जिससे गांव का मुख्य रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जायेगा. इससे कृषि कार्य, आंगनबाड़ी केंद्र, मंदिर, स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच, बीमार लोगों, महिलाओं, छोटे बच्चों और छात्र-छात्राओं की आवाजाही में गंभीर दिक्कतें उत्पन्न होंगी.
वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन, सदर विधायक सुभाष सिंह और राज्यसभा सदस्य मनन मिश्रा को ज्ञापन देकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है. विरोध प्रदर्शन में शिवजी तिवारी, अश्विन तिवारी, मनन सिंह, प्रभात पांडेय, आशीष सिंह, आलोक सिंह, नीरज कुमार, दारोगा सिंह, धर्मेंद्र सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे. ग्रामीणों ने मांग की कि अंडरपास के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाये, ताकि गांव के लोगों को भविष्य में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
