कथा के पहले दिन ज्ञानमंच से विदुषी शालिनी पांडेय ने बताया कलियुग में राम नाम का महत्व

बरौली. प्रखंड का पूर्वांचल अब पूरी तरह भक्ति के रंग में डूब गया है और बरहिमा से लेकर हसनपुर, बलरा, सरेयां, सलेहपुर, बंजरिया, कटहरिया, रामचंद्रापुर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में महायज्ञ से निकलती वेद-रिचाओं तथा वैदिक मंत्रों की गूंज चारों ओर सुनाई दे रही है.

बरौली. प्रखंड का पूर्वांचल अब पूरी तरह भक्ति के रंग में डूब गया है और बरहिमा से लेकर हसनपुर, बलरा, सरेयां, सलेहपुर, बंजरिया, कटहरिया, रामचंद्रापुर सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में महायज्ञ से निकलती वेद-रिचाओं तथा वैदिक मंत्रों की गूंज चारों ओर सुनाई दे रही है. यहां बलरा-सलेहपुर में ऐतिहासिक बुढ़िया माई मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं शिव प्राणप्रतिष्ठा महायज्ञ शुरू हो गया है. महायज्ञ में अपनी प्रखर और ओजस्वी वाणी के लिए प्रसिद्ध अयोध्या धाम से आयीं विदुषी शालिनी पांडेय का प्रवचन सुनने के लिए हजारों श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है. पहले दिन के प्रवचन की शुरुआत मुख्य अतिथि रामपूजन ठाकुर, मोबाइल बाबा तथा अजय कुमार तिवारी द्वारा ज्ञानमंच पूजन से हुआ. पहले दिन की कथा में ज्ञान मंच से विदुषी ने कलियुग में राम-नाम के महत्व को समझाया तथा कहा कि आज के युग समय में जन समुदाय के पास समय का बड़ा अभाव है, इस व्यस्तता भरी जिंदगी में अगर हम थोड़ा-सा भी समय अपने इष्टदेव और आराध्य के लिए निकाल लें, तो हमारा कल्याण हो जायेगा अर्थात रोगों और दुखों से भी मुक्ति मिल जायेगी. कलियुग में राम का नाम ही केवल इस भवसागर से हमें पार लगा सकता है, अधिक कुछ करने की जरूरत नहीं है, आपको फल जरूर मिलेगा. महायज्ञ में प्रवचन के बाद वृंदावन से पहुंची श्री निर्वकी रासलीला मंडली द्वारा रासलीला का मंचन हो रहा है. वहीं काशी से आये विद्वान आचार्य सुनील शास्त्री यज्ञ शाला में अनुष्ठान कर रहे हैं. महायज्ञ का संचालन वृंदावन से आए आचार्य कमलाकांत शास्त्री के सान्निध्य में निर्बाध रूप से चल रहा है.

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By SANJAY TIWARI

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