Gopalganj News: स्थानीय प्रखंड की उचकागांव, हरपुर और बलेसरा पंचायतों में मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर पहुंचे और विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन जमा किए.
तीनों पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविर में कुल 152 ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन दिए. प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार पंडित ने तीनों शिविरों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
बीडीओ ने ग्रामीणों से सुनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने शिविर में पहुंचे ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया.
बीडीओ ने बताया कि उचकागांव पंचायत के शिविर में सबसे अधिक 70 आवेदन प्राप्त हुए. वहीं हरपुर पंचायत में 46 और बलेसरा पंचायत में 36 ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन दिया.
बलेसरा में कम आवेदन पर जताई नाराजगी
बलेसरा पंचायत में अपेक्षाकृत कम आवेदन आने पर बीडीओ ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों तक शिविर की जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए.
हरपुर शिविर में मिली बड़ी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान हरपुर पंचायत भवन स्थित सहयोग शिविर में बड़ी लापरवाही सामने आई. विभिन्न विभागों से प्रतिनियुक्त 22 कर्मियों में से केवल 7 कर्मी ही मौके पर उपस्थित मिले.
जांच में पाया गया कि शेष 15 कर्मियों ने उपस्थिति दर्ज कराने के बाद शिविर स्थल छोड़ दिया था. इस पर बीडीओ मनोज कुमार पंडित ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया.
15 कर्मियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बीडीओ ने कार्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले सभी 15 कर्मियों से जवाब-तलब करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लापरवाही करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
बीडीओ मनोज कुमार पंडित ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा के भीतर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है. सहयोग शिविर जैसे कार्यक्रमों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
