कटेया. कटेया प्रखंड की करकटहा पंचायत के मिश्रौली गांव में चल रहे सहस्त्र चंडी महायज्ञ के पांचवें दिन शुक्रवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला. काशी से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला, माखन चोरी, गोवर्धन लीला, ब्रजवासियों पर प्रभु की कृपा तथा भक्त और भगवान के मधुर संबंधों का अत्यंत सरल, सरस और भावनात्मक वर्णन किया. कथा के साथ-साथ जैसे-जैसे प्रसंग आगे बढ़ते गए, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबते चले गये. शास्त्री जी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करती है. उनकी मधुर वाणी और भावपूर्ण प्रस्तुति से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा. कथा स्थल पर भजन, संकीर्तन और “हरि बोल” व “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा. कथा समापन पर विधिवत आरती की गई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण हुआ. वहीं वृंदावन से आयी राजराजेश्वरी रास मंडली के मंचन ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया. यह महायज्ञ आचार्य हरेंद्र द्विवेदी के सान्निध्य में 27 जनवरी तक चलेगा. आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया, जबकि यज्ञ कमेटी के सदस्य व ग्रामीण दिन-रात सेवा में जुटे हैं.
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