पंचदेवरी के नंदपट्टी में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ का हुआ समापन

पंचदेवरी. प्रखंड के नंदपट्टी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में बीते 23 नवंबर से चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ का समापन हवन व विशाल भंडारे के साथ सोमवार को हो गया.

पंचदेवरी. प्रखंड के नंदपट्टी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में बीते 23 नवंबर से चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ का समापन हवन व विशाल भंडारे के साथ सोमवार को हो गया. मूर्धन्य विद्वानों के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महायज्ञ को पूर्णाहुति दी गयी. पूर्णाहुति के समय विद्वानों द्वारा उच्चारित वेद ऋचाओं की गूंज से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा. अंतिम दिन काफी संख्या में लोग महायज्ञ में पहुंचे थे. यज्ञाचार्य ने श्रद्धालुओं व यजमानों को यज्ञ के महत्व के बारे बताते हुए कहा कि इस धरती पर यज्ञ करने से श्रेष्ठ कोई कार्य नहीं है. श्रद्धा और विश्वास के साथ इसमें शामिल होने से सांसारिक बंधनों से मुक्ति प्राप्त होती है. समापन के मौके एक तरफ विद्वानों द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्र गूंज रहे थे, तो दूसरी तरह ””जय माता दी”” के जय घोष. धर्म के प्रति आस्था व भक्ति का अद्भुत संगम मंदिर परिसर में दिख रहा था. प्रसाद वितरण का कार्यक्रम देर रात तक चला. पूर्णाहुति के बाद यज्ञाचार्य, कथावाचक व सभी विद्वानों को सम्मानित किया गया. यजमानों व काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञाचार्य व संतों से आशीर्वाद लिया. महायज्ञ के समापन के मौके पर दंगल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, जिसमें पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया. दंगल प्रतियोगिता देर शाम तक चली. मौके पर संत पदम दास जी महाराज, हाकिम यादव, मदन यादव, बिहारी यादव, झल्लू यादव, नर्वदेश्वर शुक्ल, हरेराम दुबे सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

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By AWEDHESH KUMAR RAJA

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