Gopalganj News : कुचायकोट प्रखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में ड्यूटी के दौरान अनियमितता और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर संदिग्ध उपस्थिति दर्ज करने के आरोप में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) आशिक कुमार सिंह ने तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है. संबंधित शिक्षकों को दो दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है. संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
विद्यालय शिक्षा समिति की शिकायत पर शुरू हुई जांच
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशिक कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष जितेंद्र पांडेय ने दूरभाष पर शिकायत की थी कि नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, विक्रमपुर के प्रभारी प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद स्कूल से अनुपस्थित हो जाते हैं. शिकायत मिलने के बाद ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति का सत्यापन कराया गया. इस दौरान पोर्टल पर उपलब्ध फोटोयुक्त उपस्थिति और विद्यालय में शिक्षकों की वास्तविक मौजूदगी से जुड़े तथ्यों का मिलान किया गया.
फोटोयुक्त उपस्थिति पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक तबस्सुम परवीन, शिक्षक परवेज आलम और शिक्षिका अंसारी फुलजहां महबूब पर विद्यालय आगमन और प्रस्थान की उपस्थिति दर्ज करने में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है. विभाग के अनुसार, अलग-अलग तिथियों में दर्ज फोटोयुक्त उपस्थिति विद्यालय परिसर के बजाय किसी अन्य स्थान से दर्ज किए जाने की आशंका है. इसके अलावा उपस्थिति दर्ज कराने के बाद शिक्षकों के विद्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायत भी सामने आई है.
विभाग ने बताया सेवा नियमों के विपरीत
बीईओ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी सेवक के दायित्वों के विपरीत है. पत्र में इस कृत्य को स्वेच्छाचारिता और मनमानी की श्रेणी में रखते हुए इसे गंभीर मामला बताया गया है.
दो दिनों के भीतर देना होगा जवाब
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने तीनों शिक्षकों को दो दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित शिक्षकों को इस मामले में कुछ नहीं कहना है. इसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजते हुए विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
