Gopalganj News: शिक्षा विभाग के सभागार में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता (एफएलएन) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘टीचिंग एट द राइट लेवल’ (टीएआरएल) आधारित चार दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण का आगाज हुआ. 15 से 18 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन डीपीओ शिवम, प्रथम संस्था के हेमंत कुमार एवं नोडल पदाधिकारी आरपी सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. पहले दिन जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 60 शिक्षकों ने इसमें हिस्सा लिया, जहां उन्हें बच्चों की वर्तमान सीखने की क्षमता को समझकर पढ़ाने की प्रभावी तकनीकें सिखाई गईं.
आकलन के बाद समान स्तर के बच्चों का बनेगा समूह
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम समाप्त करने तक सीमित न रहकर बाल-केंद्रित होना चाहिए. इसके तहत शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे कक्षा में बच्चों का सरल आकलन कर उनके वास्तविक अधिगम स्तर की पहचान करें. इसके बाद समान क्षमता वाले बच्चों के छोटे समूह बनाकर खेल-खेल में गतिविधि आधारित शिक्षण कराया जाए, जिससे सीखने में पिछड़ रहे बच्चों को भी बिना किसी हिचक के आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके.
बच्चों में बुनियादी दक्षता और आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण को अपनाने पर बल दिया.
"टीएआरएल पद्धति का मुख्य ध्येय रटंत प्रणाली को खत्म कर प्रत्येक बच्चे को उसकी गति और समझ के अनुसार शिक्षा देना है. जब शिक्षक बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप गतिविधि आधारित माहौल तैयार करेंगे, तो उनमें बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ के साथ-साथ सीखने का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा." — शिक्षा विभाग, गोपालगंज
निपुण बिहार के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संयुक्त प्रयास
कार्यशाला में जिला तकनीकी टीम के सदस्य राकेश भारती, श्वेता गुप्ता सहित मास्टर ट्रेनर भूपेश कुमार, मिथिलेश तिवारी, भावना कुमारी एवं शाकम्भरी ने शिक्षकों को प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से पाठ योजना और गतिविधि संचालन का अभ्यास कराया. अधिकारियों ने जिले के सभी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षा पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि विद्यालयों में आनंददायक वातावरण बने और 'निपुण बिहार' के संकल्प को शत-प्रतिशत पूरा किया जा सके.
