Sharadkalin Ganna Boai: शरदकालीन गन्ना बोआई को बढ़ावा देने के लिए भारत शुगर मिल्स, सिधवलिया की ओर से सोमवार को प्रखंड के बुंचेया और कबीरपुर गांव में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में किसानों को उन्नत किस्मों के चयन, ट्रेंच विधि से बोआई और बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी दी गयी.
अक्टूबर में बोये गन्ने से रिकवरी बेहतर होने का दावा
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मिल के कार्यपालक उपाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि शरदकालीन गन्ना बोआई किसानों के लिए अधिक लाभकारी है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर में बोया गया गन्ना बेहतर चीनी रिकवरी देने में सहायक होता है.
उन्होंने किसानों को मिल की ओर से अच्छे बीज की उपलब्धता और समय पर भुगतान का भरोसा दिलाया. साथ ही खूंटी प्रबंधन और ट्रेंच विधि से गन्ने की बोआई के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
विनोद सिंह ने किसानों को सहफसली खेती अपनाने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सहफसल लेने से किसान एक ही खेत से अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं.
ट्रेंच विधि से उत्पादन में 30 फीसदी तक बढ़ोतरी
गन्ना विभाग के कार्यपालक उपाध्यक्ष शैलेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ट्रेंच विधि से गन्ने की बोआई करने पर उत्पादन में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने किसानों को बोआई के समय उचित दूरी रखने और स्वस्थ बीज का इस्तेमाल करने की सलाह दी.
उन्होंने समय पर रोग और कीट प्रबंधन करने पर भी जोर दिया. किसानों को गन्ने की फसल में शुरुआत से ही उचित तकनीक अपनाने की सलाह दी गयी, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सके.
सहफसली खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने के साथ सहफसली खेती के फायदे भी बताये गये. विशेषज्ञों ने कहा कि सही फसल का चयन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं.
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
इस अवसर पर गन्ना उप महाप्रबंधक विनोद राठी, क्षेत्र पदाधिकारी पंकज सिंह, सच्चिदानंद त्रिपाठी सहित प्रगतिशील किसान राजेश्वर राय, डॉ. गणेश राय, नीरज पांडेय, शुभनारायण यादव, ललन यादव, शंभू पांडेय सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
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