गोपालगंज: जिले के सरकारी हाई एवं प्लस टू विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को शहर के एसएस बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई), सारण संजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि पंजीकरण, परीक्षा फॉर्म, अंकपत्र या प्रमाणपत्र के नाम पर छात्रों से अतिरिक्त राशि वसूलने, विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने अथवा लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापकों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में जिले के सभी हाई एवं प्लस टू विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक शामिल हुए. समीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई. पहली पाली में हथुआ अनुमंडल तथा दूसरी पाली में गोपालगंज अनुमंडल के विद्यालयों की समीक्षा की गई. बैठक में स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन समन्वयक, डीईओ अमरेंद्र कुमार पांडेय संरक्षक तथा प्रधानाध्यापक उमेश चंद कुशवाहा संयोजक के रूप में मौजूद रहे.
भ्रष्टाचार, जवाबदेही और शिक्षा की गुणवत्ता पर रहा फोकस
समीक्षा बैठक में शिक्षकों के समय पर वेतन भुगतान, शिक्षकों के सम्मान, प्रधानाध्यापकों की जवाबदेही, अध्यापन कार्य का मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री का उपयोग, छात्रों का मासिक मूल्यांकन, छात्र एवं शिक्षक की नियमित उपस्थिति, विद्यालयों की साफ-सफाई, मरम्मत एवं निर्माण कार्य, महिला शिक्षिकाओं के सम्मान, सीएल-एसएल अवकाश में भेदभाव तथा विद्यालयों में शिक्षकों की कमी सहित 15 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
आरडीडीई ने कहा कि पंजीकरण, परीक्षा फॉर्म, अंकपत्र और प्रमाणपत्र के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली की शिकायतें गंभीर हैं. ऐसी किसी भी अनियमितता को विभाग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा. दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
पढ़ाई और अनुशासन से नहीं होगा समझौता
बैठक में सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, छात्रों की नियमित उपस्थिति, समय पर कक्षाओं का संचालन, शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए.
आरडीडीई संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल, पारदर्शी व्यवस्था और छात्रों के हितों की रक्षा करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा छात्रों के आर्थिक शोषण की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
Also Read : पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं : नगर आयुक्त
