गोपालगंज. शिक्षकों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या का निष्पादन पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से हो, इसके लिए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिबद्ध रहें. अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचें और कार्य समाप्ति के बाद स्वयं से यह प्रश्न करें कि आज उन्होंने कितना बेहतर कार्य किया. उक्त बातें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंद्र ने शिक्षा भवन में आयोजित समीक्षात्मक बैठक के दौरान कहीं. अपर मुख्य सचिव मंगलवार को गोपालगंज पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षा विभाग के सभी संभागों का एक-एक कर निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान विभागीय व्यवस्था को संतोषजनक पाया गया. साथ ही शिक्षा भवन में साफ-सफाई एवं कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया. इसके पश्चात उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न डीपीओ तथा कर्मचारियों के साथ बैठक कर विभाग में संचालित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. बैठक में सारण प्रमंडल के आरडीडीई राजदेव राम, जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार, डीपीओ स्थापना साहेब आलम, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा प्रवीण प्रभात सहित चंद्र मोहन, राजेंद्र प्रसाद, सौरभ सुमन, धीरज कुमार, सौरभ तिवारी, मंजेश कुमार, एकता कुमारी, वंदना कुमारी एवं नागेंद्र राय उपस्थित रहे.
दिसंबर तक सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के कागजात समय से कराएं दुरुस्त
एसीएस बी. राजेंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2026 के दिसंबर माह तक सेवानिवृत्त होने वाले सभी शिक्षकों की सूची तैयार की जाये. उनके आवश्यक कागजात पहले से एकत्र कर सेवानिवृत्ति लाभ की प्रक्रिया तेज की जाये, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन से ही सभी लाभ उन्हें प्राप्त हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति के दिन शिक्षक को बुलाकर फूल देकर सम्मानित किया जाये और उन्हें यह जानकारी दी जाये कि उनके सभी लाभ उसी दिन प्रदान कर दिये गये हैं.सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव रिकॉर्ड करने का सुझाव
बैठक के दौरान विभाग के एक अधिकारी ने सुझाव दिया कि सेवानिवृत्त होने वाले किसी भी अधिकारी या शिक्षकों के अनुभवों को रिकॉर्ड किया जाये, ताकि वे आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें. इस सुझाव की अपर मुख्य सचिव ने सराहना की और इस पर विचार करने का आश्वासन दिया.
छात्रों के हित में एसओपी तैयार करने का निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी संभागों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यों के लिए स्पष्ट और प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें, ताकि छात्रों एवं आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
