Patna High Court Angry on Gopalganj SP: गोपालगंज के कटेया थाना क्षेत्र के एक दहेज हत्या मामले की सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है. न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की पीठ ने केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने पर एसपी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई नौ सितंबर को होगी.
केस डायरी नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
दहेज हत्या मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने का मामला सामने आया. कोर्ट को बताया गया कि संबंधित एसीजेएम की ओर से गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया था. इस पत्र के साथ हाईकोर्ट के उस आदेश की प्रति भी लगाई गई थी, जिसमें केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था.
एसीजेएम के पत्र का जवाब नहीं देने पर सवाल
पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक ने संबंधित एसीजेएम के पत्र का जवाब देना भी आवश्यक नहीं समझा. कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रति उपलब्ध होने के बावजूद केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति न्यायालय को क्यों नहीं भेजी गई.
पुलिस अधिकारियों के आचरण पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
हाईकोर्ट ने एसपी के रवैये को आपराधिक न्याय प्रशासन में अदालत की सहायता करने के वैधानिक दायित्व की उपेक्षा बताया. कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का इस तरह का आचरण न्यायालय की अवमानना का विषय बन सकता है और इससे कानूनी व्यवस्था तथा कानून के शासन को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
एसपी को खुद अदालत में उपस्थित होने का निर्देश
न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की पीठ ने गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है. एसपी को यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित एसीजेएम के पत्र का जवाब क्यों नहीं दिया गया और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद केस डायरी तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति अदालत को क्यों नहीं भेजी गई.
केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट साथ लाने को कहा
अदालत ने गोपालगंज के एसपी को मामले से संबंधित केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति भी अपने साथ लेकर आने का निर्देश दिया है. अब इन दस्तावेजों के साथ एसपी को नौ सितंबर को अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा.
बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर हत्या का आरोप
मामला कटेया थाना क्षेत्र के कपूरी गांव निवासी शंभु सिंह की बेटी माला से जुड़ा है. माला की शादी नौ दिसंबर 2025 को चौतरवा गांव निवासी राम सागर सिंह के बेटे कुंदन सिंह के साथ हुई थी. आरोप है कि शादी के बाद बुलेट मोटरसाइकिल की मांग को लेकर माला के साथ मारपीट की जाने लगी.
गला दबाकर हत्या के बाद शव जलाने का आरोप
मामले में आरोप है कि 28 दिसंबर 2025 की रात माला की गला दबाकर हत्या कर दी गई. इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जला दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है. घटना के बाद मृतका की मां चंपा देवी के बयान पर कटेया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई.
आरोपितों ने हाईकोर्ट में मांगी है जमानत
मामले में आरोपित राम सागर सिंह, सुनैना देवी, विकास कुमार और भोरे थाना क्षेत्र के भगत छपवा निवासी दीपमाला कुमारी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है. इसी मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अदालत के सामने उपलब्ध नहीं कराए जाने का मुद्दा उठा.
दोनों पक्षों की ओर से रखा गया पक्ष
जमानत याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजू गिरी, हर्ष वर्धन और हर्ष राज ने पक्ष रखा. सरकार की ओर से सोनू कुमार ने अपना पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान अदालत ने केस से जुड़े आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
नौ सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में अगली सुनवाई नौ सितंबर को होगी. उस दिन गोपालगंज के एसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना है. साथ ही केस डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी.
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