Gopalganj News: जिले के मध्याह्न भोजन (पीएम पोषण योजना) से जुड़े प्रारंभिक विद्यालयों में आयरन-फोलिक एसिड (आइएफए) गोली सेवन का डेटा इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने में बड़ी लापरवाही सामने आयी है. विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि कक्षा 1 से 5 तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के आइएफए गोली सेवन का ऑनलाइन रिकॉर्ड 10 प्रतिशत से भी कम दर्ज किया गया है.
शिक्षा विभाग ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए विद्यालयों की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी है. विभाग का कहना है कि आइएफए गोली सेवन कार्यक्रम बच्चों में एनीमिया की रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य के लिए संचालित किया जा रहा है. ऐसे में डेटा अपलोड नहीं होने से योजना की वास्तविक प्रगति का आकलन प्रभावित हो रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण विभागीय निगरानी और आगे की कार्ययोजना तैयार करने में भी परेशानी हो रही है. यदि विद्यालय स्तर पर ऐसी लापरवाही जारी रही तो बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
बार-बार निर्देश के बाद भी नहीं हुआ डेटा अपलोड
पीएम पोषण योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 14 जुलाई को हुई विभागीय समीक्षा में यह मामला सामने आया.
समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रखंड साधन सेवियों द्वारा फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से कई बार निर्देश देने के बावजूद अधिकांश विद्यालयों ने अब तक इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर आइएफए गोली सेवन का डेटा अपलोड नहीं किया.
विभाग ने इसे अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना माना है.
प्रधान शिक्षकों को शोकॉज, 24 घंटे में मांगा जवाब
डेटा अपलोड में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए डीपीओ ने संबंधित सभी प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
नोटिस में पूछा गया है कि उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए. साथ ही सभी विद्यालय प्रधानों को 24 घंटे के अंदर एंड्रॉयड आधारित इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर आयरन-फोलिक एसिड गोली सेवन से संबंधित पूरा डेटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.
विद्यालय प्रधानों को डेटा अपलोड में देरी के कारणों का स्पष्ट स्पष्टीकरण भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा.
डीपीओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रखंड साधन सेवियों को निर्देश दिया है कि जिले के सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत डेटा प्रविष्टि हर हाल में सुनिश्चित करायी जाए.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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