Fake Kidnapping Case: श्रीपुर थाना क्षेत्र के पवार बतरहा गांव से सामने आए फर्जी अपहरण के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बुधवार को श्रीपुर थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हथुआ एसडीपीओ सुबोध कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ ने किया पूरे मामले का खुलासा
हथुआ एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि पवार बतरहा गांव निवासी पारस भगत के 25 वर्षीय पुत्र छोटेलाल का सोमवार शाम अपने भाई के साथ पारिवारिक विवाद हुआ था. इसके बाद उसने खुद के अपहरण का नाटक रचा और परिजनों के बीच काले शीशे वाली स्कॉर्पियो से अपहरण किए जाने की अफवाह फैला दी.
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से अपने ही सगे भाई लाल बाबू सिंह से दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी. रकम नहीं देने पर उसने जान से मारने की धमकी भी दी.
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
परिजनों की लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विशेष टीम का गठन किया. टीम में इंस्पेक्टर कुमार वैभव, श्रीपुर थानाध्यक्ष शिल्पी कुमारी, अपर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार और फुलवरिया थानाध्यक्ष कुंदन कुमार शामिल थे. टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से युवक की तलाश शुरू की.
मोबाइल लोकेशन के आधार पर भोरे से बरामद
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी हर दस मिनट में अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर रहा था. हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों का पता लगा लिया. इसके बाद पुलिस टीम ने भोरे रेफरल अस्पताल के पास झाड़ियों में घेराबंदी कर आरोपी को करीब 20 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया.
फर्जी अपहरण और रंगदारी मांगने के आरोप में कार्रवाई
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने और फर्जी तरीके से फिरौती मांगने के मामले में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गयी है. पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इसे भी पढ़ें: ‘झंडू कुमार’ को कभी नाम पर मिले ताने, मेडल जीते तो हुआ भव्य स्वागत, पीएम मोदी की भी मिली बधाई
