Gopalganj News : कुचायकोट पुलिस ने मादक पदार्थ की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में एक महिला समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 32.5 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ, 3300 रुपये नकद, एक मोबाइल, एक स्टेपलर और स्टेपलर पिन का एक पैकेट बरामद किया है. पूछताछ के बाद पुलिस मादक पदार्थ के स्रोत और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है.
मुर्गी फार्म के पास बिक्री की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गश्ती के दौरान महुअवा स्थित मुर्गी फार्म के पास स्मैक जैसा मादक पदार्थ बेचे जाने की सूचना मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की. पुलिस को देखते ही तीन लोग भागने लगे. इनमें महुअवा गांव निवासी प्रिंस उर्फ रेहान को पुलिस ने पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान उसके पास कागज की पुड़िया और प्लास्टिक के पैकेट में रखा 4.70 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ बरामद हुआ. पूछताछ के दौरान उसने मकसूदपुर निवासी असरानी मियां और महुअवा निवासी सुग्रीव कुमार के नाम बताये. इसके बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया.
महिला के पास से 27.8 ग्राम पदार्थ और 3300 रुपये मिले
वहीं, 11 सितंबर को महुअवा से करीब 100 मीटर पहले पुल के पास पुलिस ने एक महिला को दो काले पॉलीथिन के साथ पकड़ा. तलाशी लेने पर छोटे-छोटे पैकेट में रखा 27.8 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ और 3300 रुपये नकद बरामद हुए.
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महिला ने बताया कि उसने यह पदार्थ महुअवा निवासी जावेद मंसूरी से खरीदा था. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
ग्रामीण इलाकों तक कारोबार पहुंचने की चर्चा
पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थ के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बाई इलाकों के साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मैक की बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
कुछ स्थानीय लोगों ने कम उम्र के युवाओं के नशे की चपेट में आने की आशंका भी जतायी है. जलालपुर के एक व्यवसायी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण उत्तर प्रदेश की ओर से मादक पदार्थ आने की चर्चा रहती है. उन्होंने जलालपुर और आसपास के इलाकों में भी कारोबार बढ़ने का दावा किया. वहीं, दुबे खरेया बाजार के एक दुकानदार ने रामपुर खरेया और उचकागांव पंचायत के कुछ गांवों में युवाओं के इस कारोबार से जुड़े होने की बात कही. इन दावों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है.
सूचना देने से बचते हैं लोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, मादक पदार्थ के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कई लोग पुलिस को सूचना देने से बचते हैं. लोगों का कहना है कि कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत करने को लेकर भय का माहौल रहता है. ऐसे में पुलिस से स्वतः संज्ञान लेकर नियमित कार्रवाई करने की मांग की जा रही है.
मादक पदार्थ के नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
एक समाजसेवी ने पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी से मादक पदार्थ के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गयी, तो युवाओं पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद अब मादक पदार्थ के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना पुलिस के लिए अहम चुनौती है.
