Janmashtami Shopping: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. मौनिया चौक, पूजा भंडार, बड़ी बाजार, थाना रोड सहित प्रमुख बाजारों में पूजन सामग्री, लड्डू गोपाल की पोशाक, झूले, मुकुट, आभूषण और सजावटी सामानों की दुकानें सज गयी हैं. सुबह से शाम तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. लोग घरों में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव की तैयारी के लिए अपनी पसंद के सामान खरीद रहे हैं.
पूजा भंडार के दुकानदारों के अनुसार, इस बार मोर की आकृति वाले झूले और स्टोन-नेट से तैयार कान्हा की पोशाक लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. इसके अलावा स्टील के झूलों की भी अच्छी मांग है. सफेद स्टोन से सजे सिंहासन भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं.
थाना रोड स्थित दुकानदार राजेश गुप्ता ने बताया कि हर वर्ष जन्माष्टमी पर नए डिजाइन बाजार में आते हैं, लेकिन इस बार मोर डिजाइन वाले झूलों और आकर्षक पोशाकों को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. दुकानदार विजय ने बताया कि जन्माष्टमी में अब कुछ ही दिन शेष हैं. लोगों ने खरीदारी तेज कर दी है और अगले दो-तीन दिनों में बाजार में भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है.
कान्हा के साथ राधा रानी की पोशाकों की भी खूब मांग
बाजार में लड्डू गोपाल के साथ राधा रानी की पोशाकों की भी अच्छी बिक्री हो रही है. दुकानों पर लहंगा-चुनरी सेट, मोरपंख वाली पोशाक, जरदोजी, गोटा-पत्ती और कुंदन वर्क से सजी डिजाइनर पोशाकें उपलब्ध हैं. साधारण सूती और रेशमी पोशाकों की कीमत करीब 50 रुपये से शुरू हो रही है, जबकि भारी जरदोजी, गोटा-पत्ती और कुंदन वर्क वाली डिजाइनर पोशाकें 1,500 रुपये तक में बिक रही हैं.
राधा-कृष्ण के आभूषण, मोतियों की मालाएं, मुकुट, मुरली और मोरपंख की भी मांग बढ़ गयी है. बच्चों के लिए ‘राधे-राधे’ प्रिंट वाले कपड़े और मुकुट-मुरली सहित कृष्ण सेट भी पसंद किए जा रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार पोशाक और शृंगार सामग्री खरीद रहे हैं.
लकड़ी से पीतल तक के झूलों की अलग-अलग रेंज
लड्डू गोपाल को झुलाने के लिए बाजार में लकड़ी, मेटल, स्टील, पीतल और मखमली नक्काशीदार झूलों की अलग-अलग रेंज उपलब्ध है. छोटे और साधारण झूले 100 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जबकि आकर्षक डिजाइन और नक्काशी वाले झूलों की कीमत 10 हजार रुपये तक पहुंच रही है. इस बार मोर की आकृति वाले झूले और स्टील के झूले ग्राहकों के बीच विशेष आकर्षण बने हुए हैं.
मुकुट, मोरपंख और चरण पादुका की भी बढ़ी मांग
जन्माष्टमी पर केवल पोशाक और झूलों की ही नहीं, बल्कि कान्हा के संपूर्ण शृंगार की सामग्री की भी जमकर खरीदारी हो रही है. बाजार में मुकुट, मोरपंख, मोतियों की माला, चरण पादुका तथा चांदी और पीतल की बांसुरी की कई नयी वैरायटी उपलब्ध हैं. लड्डू गोपाल के लिए आकर्षक सिंहासन और शृंगार सामग्री भी दुकानों पर पहुंच चुकी है.
भोग सामग्री की बिक्री भी हुई तेज
लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव पर भोग लगाने के लिए माखन, मिश्री, पंचामृत की सामग्री, मेवा और तुलसी दल की मांग भी बढ़ गयी है. मिष्ठान्न विक्रेताओं के यहां जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां चल रही हैं. कान्हा के प्रिय धनिया पंजीरी, मेवा पाग, मखाना पाग और पेड़े के विशेष ऑर्डर मिल रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि पर्व से एक-दो दिन पहले इन मिठाइयों की मांग और बढ़ सकती है.
इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों के दाम 30 से 50 फीसदी तक बढ़े
जन्माष्टमी के दौरान घरों, मंदिरों और झांकियों की सजावट के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामानों की भी खूब खरीदारी हो रही है. हालांकि, इस बार इन सामानों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
कोदई चौकी के कारोबारी रविंद्रनाथ ने बताया कि निर्माण लागत और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण इलेक्ट्रॉनिक और डेकोरेटिव उत्पादों की कीमतों में इस बार 30 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. फैंसी लाइट्स, एलईडी झालर, स्वचालित घूमने वाले झूले और म्यूजिकल फव्वारे लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिस एलईडी झालर की कीमत करीब 1,200 रुपये थी, वह इस बार 1,400 से 1,600 रुपये तक में बिक रही है. कीमत बढ़ने के बावजूद मंदिरों और झांकियों की सजावट करने वाले लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीद रहे हैं.
जन्माष्टमी सामग्री की प्रमुख कीमतें
| सामग्री | कीमत |
| साधारण पोशाक | 50 रुपये से शुरू |
| डिजाइनर पोशाक | 1,000–1,500 रुपये |
| लड्डू गोपाल के झूले | 100–600 रुपये |
| विशेष नक्काशीदार झूला | 5,000–10,000 रुपये तक |
| स्टील के झूले | 200–2,000 रुपये |
| माला और आभूषण | 10–250 रुपये |
| राधा रानी लहंगा-चुनरी | 100–500 रुपये |
| राधा-कृष्ण जोड़ी के कपड़े | 250–800 रुपये |
| ‘राधे-राधे’ प्रिंट वाले बच्चों के कपड़े | 100–500 रुपये |
| कृष्ण सेट (मुकुट-मुरली) | 80–150 रुपये |
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