gopalganj news. जल्दी जल्दी चल रे कहारा, सुरुज डूबे रे नदिया...

बिहार दिवस के मौके पर आंबेडकर भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम बिहार के परंपरा, संस्कृति, भोजपुरी मिट्टी के सोंधी मिट्टी की महक से लबरेज रहा, कार्यक्रम में बिहार के प्रमुख लोक गायक सत्येंद्र संगीत ने समां बांध दिया

गोपालगंज. बिहार दिवस के मौके पर आंबेडकर भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम बिहार के परंपरा, संस्कृति, भोजपुरी मिट्टी के सोंधी मिट्टी की महक से लबरेज रहा. कार्यक्रम में बिहार के प्रमुख लोक गायक सत्येंद्र संगीत ने बिहार गौरव गीत से मेरे भारत के कंठहार, तुझको शत-शत वंदन बिहार, तू वाल्मीकि की रामायण, तू वैशाली का लोकतंत्र, तू बोधिसत्व की करुणा है. तू महावीर का शांतिमंत्र, तू नालंदा का ज्ञानदीप, जय बिहार से कार्यक्रम की शुरुआत की. उसके बाद जल्दी-जल्दी चल रे कहारा, सुरूज डूबे रे नदिया, लचकत डोलिया डोलाबे, गोरी के छुईमुई देहिया, जल्दी-जल्दी चल रे कहारा… से भोजपुरी को समेट लिया. उसके बाद लाली-लाली ओठवां से टपके ललइयां हो…, गंगा किनारे मोरा गांव जैसे भोजपुरी के गीत की प्रस्तुति कर दर्शकों के दिलों पर छा गये. वहीं बेगूसराय से आये इंडियन आइडल के प्रतिभागी रहे सौरभ सिंह ने अपने हास्य-व्यंग्य से सबको लोट-पोट कर दिया. कभी प्राण तो कभी अमरीशपुरी, कभी नाना पाटेकर तो कभी राजकुमार की मिमिक्री कर लोगों को खूब ठहाका लगाने पर मजबूर कर दिया. कार्यक्रम में शामिल दर्शकों ने खूब आनंद उठाया. बिहार दिवस को यादगार बनाने में अधिकारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी. डीएम प्रशांत कुमार सीएच, डीडीसी कुमार विवेक निशांत, वरीय कोषागार पदाधिकारी शशिकांत आर्य, डीपीआरओ डॉ शशिकांत राय, कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी चंद्रमौली कुमार की भूमिका अहम रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >