Gopalganj News : डायट थावे, गोपालगंज में सोमवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के दिशा-निर्देशों के तहत हिंदी दिवस का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट प्राचार्य डॉ ओंकारनाथ मिश्र ने की. इस दौरान हिंदी भाषा की समृद्ध विरासत, वर्तमान भूमिका और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गयी. वक्ताओं ने हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने और दैनिक व्यवहार में इसके अधिक से अधिक प्रयोग की अपील की.
हिंदी भाषा की भूमिका और संभावनाओं पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में डायट व्याख्याता सिद्धार्थ कुमार, ऋषि रंजन, मोहम्मद रियाजउद्दीन, प्रकाश चंद द्विवेदी, ह्यूमना पीपल टू पीपल इंडिया के डायट कोऑर्डिनेटर संतोष कुमार सिंह और डिजिटल प्लेटफॉर्म कोऑर्डिनेटर जितेंद्र कुमार ने हिंदी दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे. वक्ताओं ने हिंदी की समृद्ध परंपरा के साथ वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला.
‘हिंदी: अतीत, वर्तमान और भविष्य’ पर हुई निबंध प्रतियोगिता
कार्यक्रम के दौरान निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसका विषय ‘हिंदी: अतीत, वर्तमान और भविष्य’ रखा गया था. इसके अलावा ‘मेरा मंच आवाज भारत की’ के अंतर्गत मौखिक परिचर्चा, भाषण, वाद-विवाद और काव्य पाठ जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गयीं. इनमें शिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
हिंदी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक : प्राचार्य
अध्यक्षीय संबोधन में डायट प्राचार्य डॉ ओंकारनाथ मिश्र ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. उन्होंने सभी से हिंदी को बढ़ावा देने के साथ इसके संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.
द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने उत्साह से लिया हिस्सा
कार्यक्रम में द्वितीय वर्ष के सभी प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विभिन्न प्रतियोगिताओं और परिचर्चाओं के माध्यम से प्रशिक्षुओं ने हिंदी के प्रति अपनी समझ और प्रतिभा का प्रदर्शन किया. आयोजन के दौरान हिंदी दिवस की भावना को व्यवहार में अपनाने और भाषा के प्रति सम्मान बढ़ाने का संदेश दिया गया.
