Gopalganj News: स्वास्थ्य सुरक्षा की पाठशाला, CHO ने बच्चों को बताई दिमागी बुखार से बचाव के उपाय

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के थावे प्रखंड के विशवंभरपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में CHO कविता शुक्ला द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच चमकी बुखार एवं दिमागी बुखार के प्रति जागरूक किया गया.

Gopalganj News,(चितरंजन उपाध्याय): गोपालगंज जिले के थावे प्रखंड के विशवंभरपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बुधवार को धतिवना पंचायत स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कविता शुक्ला द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच चमकी बुखार एवं दिमागी बुखार के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

बीमारी के लक्षण और उपचार

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बीमारी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. CHO कविता शुक्ला ने बताया कि चमकी बुखार को दिमागी बुखार भी कहा जाता है. इस बीमारी में दिमाग में सूजन हो जाती है, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है.

CHO कविता शुक्ला ने क्या बताया

उन्होंने बताया कि सिर दर्द,पेट दर्द,उल्टी,दस्त,तेज बुखार एवं बेहोशी इसके प्रमुख लक्षण हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. यह बीमारी प्रायः मई,जून और जुलाई महीने में अधिक फैलती है. खाली पेट लीची खाने से बच्चों में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बच्चों को सुबह खाली पेट लीची नहीं खाने की सलाह दी गई. साथ ही धूप से बचने,उमस भरी गर्मी में पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी पीने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई.

सीएचओ ने बच्चों एवं शिक्षकों को बताया कि यदि किसी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखाई दें तो अविलंब 102 एंबुलेंस सेवा पर फोन करें,ताकि मरीज को तुरंत थावे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाकर इलाज कराया जा सके.

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लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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