Harendra Gond murder case: भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में किसान हरेंद्र गोंड की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. चर्चित हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों ने पुलिसिया दबिश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. पटना उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने और पुलिस की लगातार बढ़ती कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया. अदालत ने आत्मसमर्पण के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जहां से उन्हें गोपालगंज मंडल कारा भेज दिया गया.
कुंती देवी और नितेश कुमार ने किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों में बनकटा जागीरदारी गांव निवासी झूलन भगत की पत्नी कुंती देवी तथा कटेया थाना क्षेत्र के राजापुर गांव निवासी नितेश कुमार शामिल हैं. दोनों इस हत्याकांड में नामजद आरोपी बताये गये हैं.
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड के बाद से ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी. पुलिस की कार्रवाई से आरोपियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा था. इसी बीच दोनों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.
खेत में लहसुन की रोपनी के दौरान हुई थी हत्या
हरेंद्र गोंड हत्याकांड की घटना 13 अक्टूबर 2025 की सुबह हुई थी. बताया जाता है कि किसान हरेंद्र गोंड अपने खेत में लहसुन की रोपनी कर रहे थे. इसी दौरान आरोपियों ने उन पर धारदार चाकू से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गयी थी.
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी थी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की थी. मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को नामजद किया गया था.
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद बढ़ी मुश्किलें
मामले में नामजद आरोपियों की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए पटना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गयी थी. हालांकि, अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गयीं.
इधर, पुलिस भी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबिश बना रही थी. पुलिस की ओर से कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की तैयारी और बढ़ते दबाव के बीच दोनों आरोपियों ने आखिरकार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.
न्यायिक हिरासत में भेजे गये दोनों आरोपी
न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया, जिसके बाद उन्हें गोपालगंज मंडल कारा भेज दिया गया.
पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और वारदात में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.
पुलिस दबिश के बाद सरेंडर से बढ़ी कार्रवाई की उम्मीद
हरेंद्र गोंड हत्याकांड के बाद से ही पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव था. लंबे समय से फरार चल रहे नामजद आरोपियों के न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद अब मामले की जांच और आगे बढ़ने की उम्मीद है. पुलिस दोनों आरोपियों से जुड़े तथ्यों और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.
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