Gopalganj News : गोपालगंज शहर के जादोपुर रोड स्थित ओशनिक माइंड स्कूल में सोमवार को भारतीय पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को समर्पित ‘विरासत’ संस्कारों का उत्सव के तहत दादा-दादी एवं नाना-नानी सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को बुजुर्गों के अनुभव, स्नेह और संस्कारों से जोड़ना तथा परिवार में उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना था.
दीप प्रज्वलन और हनुमान चालीसा पाठ से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई. इसके बाद विद्यालय के नन्हे विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया. बच्चों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजायीं.
‘नानी तेरी मोरनी’ पर बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुति
बच्चों ने ‘नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया. वहीं नर्सरी और यूकेजी के विद्यार्थियों ने ‘अपनों का साथ’ नाटक के माध्यम से परिवार में दादा-दादी और नाना-नानी के महत्व को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया. ‘दादाजी बनले राजा के घोड़ा’ गीत पर बच्चों की प्रस्तुति ने भी समारोह में खूब मनोरंजन किया.
दादा-दादी और नाना-नानी ने खेलों में लिया हिस्सा
समारोह का विशेष आकर्षण बुजुर्गों के लिए आयोजित मनोरंजक खेल रहे. दादी और नानी के लिए म्यूजिकल चेयर तथा दादा और नाना के लिए कैच द बॉल प्रतियोगिता आयोजित की गयी. इसमें सभी ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और समारोह का आनंद उठाया.
बुजुर्ग परिवार की जीवंत विरासत : प्राचार्य
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की जीवंत विरासत हैं. उनके अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी के लिए अमूल्य धरोहर हैं. उन्होंने बच्चों को अपनी जड़ों, परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया.
वरिष्ठ सदस्य संस्कारों के वाहक : निदेशक
विद्यालय के निदेशक दिग्विजय नारायण सिंह ने कहा कि परिवार के वरिष्ठ सदस्य केवल अभिभावक नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और संस्कारों के वाहक होते हैं. उनके स्नेह और आशीर्वाद से नई पीढ़ी को मजबूत सामाजिक और पारिवारिक आधार मिलता है.
तिलक और बैज लगाकर किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित दादा-दादी और नाना-नानी का तिलक लगाकर तथा बैज पहनाकर स्वागत किया गया. सम्मान स्वरूप उन्हें श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की गयी. पूरे समारोह में आत्मीयता, उत्साह और पारिवारिक जुड़ाव का माहौल बना रहा.
