गोपालगंज सदर अस्पताल में बिजली कटते ही बंद हुई लिफ्ट, गर्भवती महिला समेत 6 लोग 25 मिनट फंसे

Gopalganj Sadar Hospital lift out of order: गोपालगंज सदर अस्पताल की अव्यवस्था एक बार फिर सामने आई, जब लिफ्ट खराब होने से गर्भवती महिला, उसके परिजनों और तीन छोटे बच्चों सहित 6 लोग 25 मिनट तक फंसे रहे. डॉक्टर की सतर्कता और लाइनमैन की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

Gopalganj Sadar Hospital lift out of order: मॉडल सदर अस्पताल में एक बार फिर अव्यवस्था और तकनीकी खामियों ने मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए. नगर थाना क्षेत्र के सरेया वार्ड नंबर-2 निवासी अरविंद यादव की पत्नी रिंकू देवी, उनकी ननद निर्मला देवी, सास प्रभावती देवी और तीन छोटे बच्चों के साथ एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया.

गर्भवती रिंकू देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन जांच के लिए लेबर वार्ड लेकर पहुंचे थे. डॉक्टर से दिखाने के बाद जब सभी लोग वापस लौट रहे थे, तभी अचानक बिजली कट गई. उस समय सभी लोग लिफ्ट में सवार थे. बिजली गुल होते ही सेकेंड फ्लोर पर लिफ्ट बीच में ही बंद हो गई और सभी लोग उसके अंदर फंस गए.

करीब 25 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे लोग

लिफ्ट में गर्भवती महिला, उसके परिजन और तीन छोटे बच्चे करीब 25 मिनट तक अंदर फंसे रहे. इस दौरान घबराए परिजन लगातार लिफ्ट का दरवाजा पीटकर मदद के लिए आवाज लगाते रहे. बंद लिफ्ट में छोटे बच्चों और गर्भवती महिला के फंसे होने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी.

इसी दौरान पीकू वार्ड से लौट रहे डॉक्टर सौरव अग्रवाल ने लिफ्ट के अंदर से आ रही आवाज सुनी. उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया. पहले पास में रखे रॉड की मदद से लिफ्ट खोलने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली.

लाइनमैन को बुलाकर चाबी से खोली गई लिफ्ट

लिफ्ट नहीं खुलने पर डॉक्टर ने तत्काल लाइनमैन को फोन कर बुलाया. लाइनमैन के पहुंचने के बाद चाबी की मदद से लिफ्ट खोली गई. इसके बाद लिफ्ट में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बाहर निकलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली.

घटना के दौरान डॉक्टर की सतर्कता और समय पर लाइनमैन के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया. हालांकि, इस घटना ने अस्पताल के नये भवन में लगे उपकरणों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

अस्पताल में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. अस्पताल के नये भवन में लगे उपकरणों में लगातार तकनीकी खराबी की शिकायतें सामने आती रही हैं. कभी फायर सेफ्टी सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आती है तो कभी लिफ्ट के खराब होने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों में गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और गंभीर मरीज भी शामिल होते हैं. ऐसे में लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधा के अचानक बंद हो जाने से किसी भी समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

अस्पताल की गड़बड़ियों को हल्के में लेने का आरोप

जानकार सूत्रों का कहना है कि अस्पताल भवन से जुड़ी तकनीकी और निर्माण संबंधी खामियों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. अस्पताल में कभी डॉक्टरों के इमरजेंसी क्षेत्र में शौचालय का पानी टपकने की शिकायत सामने आती है तो कभी पोर्टिको की सीलिंग गिरने की घटना सामने आती है.

इन घटनाओं के बाद भी यदि समय रहते तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. नये भवन के निर्माण और उसमें लगाए गए उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं.

दोषियों पर होगी कार्रवाई: सीएस

सिविल सर्जन मो. इसरायल ने कहा कि लिफ्ट खराब होने की घटना गंभीर है. तकनीकी टीम को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं. भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए अस्पताल में लगे सभी उपकरणों की नियमित जांच कराई जाएगी.

उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी एजेंसी या संबंधित पक्ष की लापरवाही सामने आती है, तो दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.


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By मनीष राज

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