Gopalganj sadar hospital: मॉडल सदर अस्पताल में पिछले तीन दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है. कुत्ता, बिल्ली, सियार व अन्य जानवरों के काटने के बाद इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को इंजेक्शन के लिए भटकना पड़ रहा है. अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिलने के कारण मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगे दाम पर एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है. इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है.
सदर अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 मरीज जानवरों के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं. गुरुवार को भी कई मरीज इंजेक्शन के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन स्टॉक खत्म होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा.
स्कूल से लौट रहे बच्चे को कुत्ते ने काटा
मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी 10 वर्षीय अनमोल ठाकुर स्कूल से घर लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में कुत्ते ने उसे काट लिया. परिजन इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा.
सियार के काटने के बाद बाजार से खरीदा इंजेक्शन
मांझा थाना क्षेत्र के देवपुर गांव निवासी मंतोष शर्मा खेत जाने के दौरान सियार के काटने से घायल हो गये. इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिला. इसके बाद उन्हें बाजार से इंजेक्शन खरीदना पड़ा.
वहीं, शहर के सरेया काली स्थान निवासी कैलाश पांडेय कार्यालय जाने के दौरान रास्ते में कुत्ते के काटने से घायल हो गये. अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिलने पर उन्हें बिना इंजेक्शन लगवाये वापस लौटना पड़ा.
इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी अधिकारियों को दी गयी
एंटी रैबीज इंजेक्शन के प्रभारी प्रशांत कुमार ने बताया कि इंजेक्शन खत्म होने की जानकारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शशि रंजन प्रसाद को दे दी गयी है. इंजेक्शन उपलब्ध होते ही मरीजों को लगाया जायेगा.
