Gopalganj News: (राजेश पांडेय ) बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित एनएच-27 इन दिनों आम राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है . उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अवैध बालू परिवहन और राजस्व चोरी रोकने के लिए सीमा पर सख्ती बढ़ाए जाने के बाद हाईवे पर बालू लदे ट्रकों और बड़े ट्रेलरों की कई किलोमीटर लंबी दोहरी कतार लग गई है.
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं . इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन इस महाजाम को लेकर अब तक गंभीर नजर नहीं आ रहा है.
हाई-टेक कैमरों से बढ़ी सख्ती
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के खनन विभाग ने बिहार सीमा पर अवैध बालू परिवहन पर नजर रखने के लिए सोलर युक्त हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं.
तकनीकी निगरानी बढ़ने के बाद बिना वैध कागजात के चल रहे बालू लदे ट्रकों में हड़कंप मच गया है. पकड़े जाने के डर से कई ट्रेलर सड़क किनारे खड़े होकर आगे ‘सेटिंग’ होने का इंतजार कर रहे हैं.
इसी वजह से नेशनल हाईवे पर करीब छह किलोमीटर तक ट्रकों की लंबी कतार लग गई है.
एम्बुलेंस को भी नहीं मिल रहा रास्ता
महाजाम का सबसे ज्यादा असर आम यात्रियों और जरूरी सेवाओं पर पड़ रहा है. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पा रहा है.
गंभीर मरीजों को गोरखपुर ले जा रही एम्बुलेंस को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है.
हाईवे पर ट्रकों के बेतरतीब खड़े रहने के कारण लगातार छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं.
स्थानीय प्रशासन पर उठ रहे सवाल
जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सीमा पर खनन विभाग हाई-टेक कैमरों के जरिए सख्ती बरत रहा है, वहीं दूसरी ओर बिहार के गोपालपुर और कुचायकोट क्षेत्र में ट्रकों के इस अवैध जमावड़े और महाजाम पर स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. इसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.
ग्रामीणों ने जताई बड़े हादसे की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही हाईवे से ट्रकों को नहीं हटाया गया और यातायात सामान्य नहीं कराया गया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जाम हटाने और हाईवे पर सुचारू यातायात बहाल कराने की मांग की है.
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