Gopalganj News: नया मॉडल ब्लॉक भवन बनाने से पहले ध्वस्त कर दिया पुराना कार्यालय, दफ्तर ढूंढने में छूट रहा लोगों का पसीना

Gopalganj News: भव्य ‘मॉडल ब्लॉक भवन’ के निर्माण के लिए पुराने प्रखंड कार्यालय भवन को किया गया जमींदोज। प्रखंड और अंचल कार्यालय अलग-अलग अस्थायी भवनों में शिफ्ट, भीषण गर्मी में भटकने को मजबूर हो रहे ग्रामीण.

Gopalganj News: (प्रशांत पाठक) बिहार सरकार की विकास योजनाओं के तहत उचकागांव प्रखंड मुख्यालय की सूरत बदलने वाली है। सरकार के निर्देशानुसार, प्रखंड मुख्यालय पर एक भव्य ‘मॉडल ब्लॉक भवन’ के निर्माण के लिए राशि का आवंटन कर दिया गया है. निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया के तहत पुराने प्रखंड कार्यालय भवन को पूरी तरह से तोड़ दिया गया है.

दूर-दराज से आने वाले को

हालांकि, विकास की इस कवायद के बीच आम जनता की परेशानियां चरम पर पहुंच गई हैं। पुराने भवन के खंडहर में तब्दील होने के बाद प्रखंड और अंचल कार्यालय को अलग-अलग अस्थायी भवनों में स्थानांतरित कर दिया गया है. व्यवस्थित सूचना के अभाव और भीषण गर्मी के कारण दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है.

वर्तमान में स्थिति यह है कि प्रखंड कार्यालय कहीं और चल रहा है, तो अंचल कार्यालय किसी दूसरे स्थान पर. ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि उन्हें अपने काम के लिए किस दिशा में जाना है। प्रखंड मुख्यालय परिसर में कोई स्पष्ट साइन बोर्ड या सूचना केंद्र नहीं होने के कारण लोग भटकने को मजबूर हैं। इस भीषण गर्मी के बीच गांव-देहात से पैदल या साइकिल से आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों के लिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय की दौड़ लगाना सजा बन गया है.

मॉडल ब्लॉक भवन: क्या होगा खास?

भले ही वर्तमान में जनता परेशान हो, लेकिन भविष्य में यह नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा:

सिंगल विंडो सिस्टम: एक ही छत के नीचे प्रखंड और अंचल के सभी प्रमुख कार्य होंगे।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: हाई-स्पीड इंटरनेट और वेटिंग एरिया की सुविधा मिलेगी।
पार्किंग और सौंदर्यकरण: परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित और हरा-भरा बनाया जाएगा।

बोले अधिकारी:

इस संबंध में पूछे जाने पर उचकागांव के बीडीओ (BDO) कुमार प्रशांत ने बताया कि सरकार के निर्देश के बाद पुराने भवन को तोड़ा गया है। कार्यालयों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। पुराने भवन का मलबा हटते ही सभी कार्यालयों पर रंग-रोगन कराकर उन्हें चिह्नित कर दिया जाएगा, जिससे आम लोगों की परेशानी खत्म हो जाएगी.

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By Vivek Ranjan

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