Gopalganj News: (विकास दुबे) गोपालगंज में स्कूल पहुंचे बिना 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से इ- शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी बनाने वाले 33 शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों पर अब बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है. जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.
उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार को दिया है. साथ ही, की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर समाहरणालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है.
इ- शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में सामने आई गड़बड़ी
मामला उस समय सामने आया जब जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 13 मई को इ-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा की. जांच में पाया गया कि 11 मई को 15 और 12 मई को 18 शिक्षकों ने विद्यालय से 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की थी. यानी कई शिक्षकों ने स्कूल पहुंचे बिना ही दूसरे जगहों या दूर-दराज के स्थानों से हाजिरी बना ली थी.
इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए डीइओ ने सभी संबंधित शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए. डीइओ ने स्पष्ट किया है कि समय पर जवाब नहीं देने या संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर एकपक्षीय निर्णय लेते हुए कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
प्रभात खबर में खबर छपने के बाद डीएम भी हुए सख्त
दैनिक प्रभात खबर में “100 किलोमीटर दूर से हाजिरी बनाने पर 33 शिक्षकों से जवाब-तलब” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया. समाहरणालय की जिला गोपनीय शाखा से जारी पत्र में डीएम ने कहा है कि इस तरह की हरकत शिक्षकों की कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और सरकारी निर्देशों की खुली अनदेखी को दर्शाती है.
डीएम ने डीइओ को निर्देश दिया है कि सभी आरोपित शिक्षकों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए. साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में कोई भी शिक्षक गलत तरीके से डिजिटल उपस्थिति दर्ज न कर सके.
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
जिला प्रशासन के सख्त रुख के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि इ- शिक्षाकोष पोर्टल की निगरानी और कड़ी की जाएगी. यदि जांच में अन्य शिक्षकों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.
सरकारी स्कूलों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में इसे जिला प्रशासन का बड़ा कदम माना जा रहा है.
