Gopalganj News (राकेश कुमार) : राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पैतृक गांव फुलवरिया में पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड राबड़ी देवी आवास को खाली कराने की सुगबुगाहट पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है. गांव के लोगों ने इसे भाजपा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सोची-समझी साजिश करार देते हुए सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है. ग्रामीणों का साफ कहना है कि गरीबों के मसीहा और गुदड़ी के लाल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का अपमान बिहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा. रविवार को फुलवरिया में जुटे ग्रामीणों ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला. आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राजनीतिक द्वेष की भावना से ग्रसित होकर काम कर रहे हैं. इसी दमनकारी नीति के तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को जबरन खाली कराने का घिनौना षड्यंत्र रचा जा रहा है.
राबड़ी आवास खाली कराने की कोशिश हुई तो होगा उग्र आंदोलन
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी बंगला नहीं, बल्कि बिहार के करोड़ों शोषितों, वंचितों और गरीबों की आवाज का केंद्र है. अगर सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध में आकर इस आवास को जबरन खाली कराने की कोशिश की, तो पूरे बिहार के राजद कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे और राज्यव्यापी उग्र आंदोलन होगा.
ग्रामीण बोले- ‘लालू प्रसाद ने दबे-कुचलों को दी आवाज, अपमान बर्दाश्त नहीं’
आक्रोशित ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे लालू प्रसाद के परिजन नीतीश कुमार, लवकुश यादव और प्रकाश यादव सहित दर्जनों राजद कार्यकर्ताओं ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने हमेशा दबे-कुचले समाज को मुख्यधारा में लाया और उन्हें आवाज दी है. आज जब वे गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं, तब सरकार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए ऐसे गंदे हथकंडे अपना रही है. ग्रामीणों ने बेहद भावुक होते हुए चेतावनी दी कि यदि लालू-राबड़ी परिवार के सम्मान पर कोई भी आंच आती है, तो फुलवरिया समेत पूरे प्रदेश के लाखों साधारण राजद कार्यकर्ता अपनी शहादत देने से भी पीछे नहीं हटेंगे. फिलहाल इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर पूरे पैतृक गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सरकार से इस तानाशाही फैसले को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की है, अन्यथा अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.
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