थावे प्रखंड में शोभा की वस्तु बना आरओ, पेयजल संकट से जूझ रहे कर्मचारी और आमजन

Gopalganj News: थावे प्रखंड में शोभा की वस्तु बना आरओ, महीनों से खराब पड़ा जल शुद्धिकरण सिस्टम, गर्मी में बढ़ी परेशानी

Gopalganj News: (चितरंजन उपाध्याय) थावे प्रखंड मुख्यालय परिसर में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आरओ जल शुद्धिकरण प्रणाली कई महीनों से खराब पड़ी हुई है. इसके कारण प्रखंड कार्यालय में आने वाले अधिकारी, कर्मचारी तथा आम लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है. भीषण गर्मी के बीच आरओ सिस्टम के बंद रहने से पेयजल संकट गहरा गया है.

लाखों की योजना बनी शोभा की वस्तु

प्रखंड परिसर में लगाया गया आरओ सिस्टम लोगों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था. लेकिन लंबे समय से खराब रहने के कारण यह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. इसकी मरम्मत की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं प्रखंड कार्यालय

प्रखंड मुख्यालय में प्रतिदिन विभिन्न कार्यों के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं. इसके अलावा कई विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी नियमित रूप से कार्यालय में कार्य करते हैं. ऐसे में गर्मी के मौसम में पेयजल की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है, लेकिन आरओ बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

अस्पताल से पानी लाकर पीने को मजबूर कर्मचारी

प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि जब आरओ चालू था, तब शुद्ध एवं ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध हो जाता था. अब स्थिति यह है कि उन्हें पेयजल के लिए बगल स्थित अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ रहा है. कई कर्मचारी अस्पताल से पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं.

फरियादियों को भी नहीं मिल रहा स्वच्छ पानी

कार्यालय में अपनी समस्याएं लेकर आने वाले ग्रामीणों को भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इससे लोगों में नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है.

जल्द मरम्मत की उठी मांग

कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खराब पड़े आरओ सिस्टम की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रखंड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी परिसर में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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