गोपालगंज के स्कूलों में पीटीएम, बच्चों के बेहतर विकास के लिए अभिभावकों को किया जागरूक

Gopalganj News : पीटीएम में शिक्षकों ने साझा की विद्यार्थियों की उपलब्धियां और सुधार के क्षेत्र

Gopalganj News (विकास दुबे) : गोपालगंज जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में शनिवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी (पीटीएम) 2026 का आयोजन किया गया. इस वर्ष पीटीएम का मुख्य विषय “मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण” रखा गया था. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा अभिभावकों को बच्चों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों के प्रति जागरूक बनाना था. पीटीएम में शिक्षकों ने अभिभावकों को बताया कि बच्चों की सफलता केवल पढ़ाई पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उन्हें परिवार से मिलने वाला प्यार, सहयोग और सकारात्मक माहौल भी उतना ही जरूरी है. बैठक के दौरान “सूखा पौधा” विषय पर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसके माध्यम से समझाया गया कि जिस प्रकार किसी पौधे को बढ़ने के लिए धूप के साथ पानी की जरूरत होती है, उसी प्रकार बच्चों के विकास के लिए शिक्षा के साथ भावनात्मक सहारा भी आवश्यक है.

अभिभावकों को बच्चों से रोज संवाद और धैर्यपूर्वक उनकी बातें सुनने की दी गई सलाह

कार्यक्रम में अभिभावकों को बच्चों से प्रतिदिन बातचीत करने, उनकी भावनाओं को समझने, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने तथा छोटी-छोटी उपलब्धियों की भी सराहना करने की सलाह दी गयी. शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से नहीं करने, उन्हें डांटने या अपमानित करने से बचने तथा घर में सकारात्मक वातावरण बनाने का आग्रह किया गया. पीटीएम के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, सीखने के स्तर और व्यवहार संबंधी जानकारी भी अभिभावकों के साथ साझा की गयी. अभिभावकों को नियमित रूप से स्कूल डायरी देखने, गृहकार्य पर नजर रखने, घर में पढ़ाई के लिए अलग स्थान तय करने तथा प्रतिदिन कम से कम एक घंटे पढ़ाई के लिए समय देने की सलाह दी गयी. बच्चों को पौष्टिक भोजन देने और साफ-सुथरे परिधान में नियमित रूप से विद्यालय भेजने पर भी जोर दिया गया.

‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ और ‘पैरेंट ऑफ द मंथ’ सम्मानित

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी), बाल संसद और मीना मंच के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभायी. कई विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को “स्टूडेंट ऑफ द मंथ” तथा विद्यालयी गतिविधियों में विशेष सहयोग देने वाले अभिभावकों को “पैरेंट ऑफ द मंथ” के रूप में सम्मानित किया गया. पीटीएम के समापन पर अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय के साथ मिलकर काम करने का सामूहिक संकल्प लिया. शिक्षा विभाग ने कहा कि पीटीएम केवल एक बैठक नहीं, बल्कि विद्यालय और परिवार के बीच मजबूत साझेदारी का माध्यम है, जिससे बच्चों के शैक्षणिक और भावनात्मक विकास को नई दिशा मिल सकती है.

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर दिया गया जोर

इस कार्यक्रम को लेकर उचकागांव प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय राजपति राय के टोला, मशानथाना में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य विषय “मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक विकास” रहा. इसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों, विद्यालय शिक्षा समिति (वीएसएस) के सदस्यों और शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता वीएसएस सदस्या प्रियंका भारती ने की. प्रधान शिक्षक सैयद इमाम ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक प्रगति के साथ उनका मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को स्नेहपूर्ण माहौल देने और उनकी भावनाओं को समझने की अपील की. संगोष्ठी में विशिष्ट शिक्षक सुरेश कुमार सिंह, शिक्षिका कनीज फातमा तथा शिक्षक अमरजीत कुमार शर्मा और अभिनव शुक्ला ने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति रिपोर्ट साझा की. साथ ही उनकी उपलब्धियों और सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की जानकारी अभिभावकों को दी.

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