गोपालगंज के नौ प्रखंडों में एक जुलाई से शुरू होगी स्नातक की पढ़ाई

Gopalganj News : नौ प्रखंडों में एक जुलाई से शुरू होगी स्नातक स्तर की पढ़ाई, नए डिग्री कॉलेजों की तैयारी अंतिम चरण में

गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : जिले के डिग्री कॉलेज विहीन नौ प्रखंडों के छात्र-छात्राओं को अब स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों और प्रखंडों का रुख नहीं करना पड़ेगा. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिले के नौ चयनित प्रखंडों में एक जुलाई से नए डिग्री कॉलेजों में स्नातक स्तर की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसे लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में डीएम पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार, नोडल पदाधिकारी सह माध्यमिक के डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात, नव नियुक्त प्राचार्य, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा तकनीकी विभाग के अभियंता मौजूद रहे. बैठक में डीएम ने कहा कि उच्च शिक्षा को गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक कारणों से कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं. ऐसे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही स्नातक की पढ़ाई का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में कॉलेज संचालन की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक जुलाई से हर हाल में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होनी चाहिए.

दो दिनों में देनी होगी तैयारी की रिपोर्ट

समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि जिले के नौ चयनित प्लस टू स्कूलों में अस्थायी रूप से डिग्री कॉलेजों का संचालन किया जाएगा. इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कमियों को दूर किया जा सके. डीइओ ने कहा कि अस्थायी परिसरों में कक्षाओं के संचालन, कार्यालय व्यवस्था, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुचारु रूप से तैयार करना प्राथमिकता है. सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होने के बाद ही एक जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू की जा सकेंगी.

कॉलेजों में उपलब्ध होंगी आधुनिक सुविधाएं

डीएम ने निर्देश दिया कि चयनित परिसरों में छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए. कॉलेजों में पर्याप्त फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट व वाई-फाई, शुद्ध पेयजल, आरओ, वाटर कूलर, बिजली, पंखे, महिला एवं पुरुष शौचालय, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए.

पांच प्राचार्यों ने संभाला कार्यभार, चार की ज्वाइनिंग बाकी

बैठक में नव स्थापित डिग्री कॉलेजों के लिए नियुक्त प्राचार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि नौ कॉलेजों में से अब तक पांच प्राचार्यों ने योगदान दे दिया है, जबकि चार प्राचार्यों का योगदान शेष है. इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष प्राचार्यों की ज्वाइनिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित कराई जाए. उन्होंने कहा कि कॉलेजों की प्रारंभिक व्यवस्था, नामांकन प्रक्रिया, शैक्षणिक संचालन और संसाधनों के समन्वय में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. ऐसे में सभी पदाधिकारियों का समय पर कार्यभार संभालना जरूरी है.

स्थायी भवन निर्माण की भी तैयारी

बैठक में कॉलेजों के स्थायी भवन निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. डीएम ने बताया कि स्थायी परिसर के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी है. ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम पांच एकड़ तथा शहरी क्षेत्रों में ढाई एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. संबंधित अंचल अधिकारियों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है. डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि नए डिग्री कॉलेजों के शुरू होने से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा. विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. इससे न केवल शिक्षा का दायरा बढ़ेगा, बल्कि जिले में उच्च शिक्षा के नए अवसर भी सृजित होंगे. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया.

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