सीवान, थावे और पटना में होगा गोपालगंज के शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम

Gopalganj News : सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता सुधार को लेकर शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू

गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : गोपालगंज के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में जिले के 747 शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक सोमवार से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे. बिहार शिक्षा परियोजना के निर्देश पर यह प्रशिक्षण सीवान, थावे और पटना के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित किया गया है. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाना, बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार लाना तथा विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है. शिक्षा विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जिले के कक्षा तीन से पांच तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है. इसके तहत 190 शिक्षक पीटीईसी मैरवा (सीवान) तथा 240 शिक्षक सीटीई सीवान में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. यह प्रशिक्षण 8 जून से 12 जून तक चलेगा. प्रशिक्षण के दौरान नई शिक्षण पद्धतियों, भाषा एवं गणित शिक्षण को सरल और प्रभावी बनाने, बच्चों की सीखने की गति बढ़ाने तथा कक्षा संचालन को अधिक रोचक बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा होगी.

बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को समझने की मिलेगी जानकारी

इस बार शिक्षा विभाग ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास को भी प्राथमिकता दी है. इसी उद्देश्य से जिले के 260 शिक्षकों को डायट थावे में मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग विषय पर विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों में तनाव, भय, झिझक, अवसाद जैसी समस्याओं के शुरुआती संकेत पहचानने और उन्हें सहयोगात्मक माहौल उपलब्ध कराने की जानकारी दी जायेगी. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बच्चों का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी बेहद आवश्यक है.

प्रधानाध्यापकों को पटना में मिलेगा प्रशिक्षण

जिले के 57 प्रधानाध्यापकों को राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), पटना में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है. इस प्रशिक्षण में विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक निगरानी, शिक्षकों के साथ समन्वय, प्रशासनिक कार्यों के संचालन तथा विद्यालय के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जायेगा. इससे विद्यालयों में नेतृत्व क्षमता और प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

योग से होगी दिन की शुरुआत, शाम तक चलेंगे सत्र

प्रशिक्षण में शामिल सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को 7 जून को ही अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है. प्रत्येक दिन सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक योग एवं पीटी का आयोजन होगा. इसके बाद सुबह 8:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक विभिन्न प्रशिक्षण सत्र संचालित किये जायेंगे. प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है. योग और पीटी के दौरान ट्रैक सूट एवं स्पोर्ट्स शू पहनना अनिवार्य होगा, जबकि प्रशिक्षण सत्रों में निर्धारित औपचारिक पोशाक में उपस्थित होना होगा.

मोबाइल, अवकाश और अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश

शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किये हैं. प्रशिक्षण अवधि में मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग पर रोक रहेगी तथा किसी भी सत्र या गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं होगी. सभी प्रतिभागियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। सामान्य परिस्थितियों में प्रशिक्षण के दौरान अवकाश नहीं मिलेगा. केवल विशेष और अपरिहार्य स्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी दी जायेगी.

तंबाकू और निजी वाहनों पर भी है प्रतिबंध

प्रशिक्षण केंद्रों और छात्रावास परिसरों में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट सहित किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. निजी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी और किसी भी प्रतिभागी के साथ परिवार का सदस्य या अन्य व्यक्ति परिसर में नहीं रह सकेगा. रात 10 बजे के बाद परिसर में आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी तथा रात 10:30 बजे तक सभी प्रतिभागियों को छात्रावास में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा. शिक्षा विभाग का कहना है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की क्षमता का विकास किया जायेगा, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तथा समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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