गोपालगंज से मनीष राज की रिपोर्ट
Gopalganj News : मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में भीषण आग लगने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे बिहार में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है. इस घटना के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है. इसी कड़ी में शनिवार को सदर अस्पताल में जिला प्रशासन व अग्निसमन की टीम ने औचक निरीक्षण किया,जिमसे फायर सिस्टम पूरी तरह से फैल पाया गया.वही कई चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आईं. डीएसपी विकास कुमार ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल में लगे सीओटू फायर सिलेंडर काम नहीं कर रहे थे.
प्रशासन ने अस्पताल को लगाई फटकार
इसके अलावा फायर डिटेक्शन सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय मिला, जबकि आग लगने की स्थिति में अलर्ट करने वाला वार्निंग स्विच भी खराब पाया गया. सबसे गंभीर बात यह रही कि अस्पताल में लगा हाइड्रेंट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था, जो आग बुझाने के लिए बेहद जरूरी होता है. बताया जा रहा है कि करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मॉडल सदर अस्पताल में इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है. जांच टीम ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए अस्पताल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है.
अस्पताल को मिली 15 दिन की मोहलत
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी फायर सेफ्टी उपकरणों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य अस्पतालों में भी हड़कंप मच गया है और फायर सेफ्टी मानकों को दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है. जांच के दौरान डीएसपी विकास कुमार, अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी प्रेमचंद राम, सिपाही शंकर कुमार यादव, कीर्ति कुमार और निखिल कुमार समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे. टीम ने अस्पताल के फायर सेफ्टी सिस्टम की बारीकी से जांच की, जिसमें ज्यादातर उपकरण अनुपयोगी पाए गए.
Also Read : आस्था का नया केंद्र बनेगा विशेषरपुर, तेजी से बन रहा शिव-शक्ति मंदिर
