Gopalganj News : जिले भर में 32 जगहों पर बना कस्टम हायरिंग सेंटर, किसानों को भाड़े पर मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र

Gopalganj News : किसानों को पारंपरिक और आधुनिक कृषि यंत्रों को किराये पर लेने की सुविधा अब कृषि विभाग की ओर से भी कर दी गयी है.

गोपालगंज. किसानों को पारंपरिक और आधुनिक कृषि यंत्रों को किराये पर लेने की सुविधा अब कृषि विभाग की ओर से भी कर दी गयी है. इसके लिए विभाग द्वारा जिले में 32 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की गयी है, जहां से किसान अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र आसानी से भाड़े पर ले सकते हैं.

छोटे और सीमांत किसानों को खेती में तकनीकी सहायता देना है उद्देश्य

जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती में तकनीकी सहायता देना है. उन्होंने कहा कि कई बार किसानों के पास खुद के कृषि यंत्र खरीदने की आर्थिक क्षमता नहीं होती, ऐसे में ये सेंटर उनकी बड़ी मदद करेंगे. कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चयनित किसानों को विभाग की ओर से लाखों रुपये का अनुदान दिया गया है, जिससे उन्होंने कृषि यंत्रों की खरीदारी की है. इन यंत्रों का लाभ क्षेत्र के सभी किसानों को मिलेगा.

जुताई, बुआई, कटाई तथा दौनी के लिए मिलेंगे यंत्र

कस्टम हायरिंग सेंटर पर जुताई, बुआई, कटाई तथा दवनी के लिए सभी यंत्र मिलेंगे. इन कस्टम हायरिंग सेंटरों पर ट्रैक्टर, थ्रेसर, पावर टिलर, रीपर, रोटावेटर, सीड ड्रिल जैसे आधुनिक यंत्र सुलभ दरों पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं. किसान इन सेंटरों से सीधे संपर्क कर या कृषि विभाग के माध्यम से यंत्रों की बुकिंग कर सकते हैं. इससे खेती में समय और लागत दोनों की बचत होगी, साथ ही उत्पादन में भी बढ़ोतरी की संभावना है.

ये हैं जिले के 32 सेंटर

जिले में अभी 32 जगहों पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये गये हैं, जहां से किसान भाड़े पर कृषि यंत्र ले सकते हैं. इसमें बरौली के देवापुर, पचरुखिया, सिकटिया, बतरदेह, विशुनपुरा, सदौंवा, खजुरिया बढ़ेया तथा नगर परिषद के वार्ड-10, बैकुंठपुर के बंगरा तथा रेवतिथ, सदर प्रखंड के डूमरिया तथा बिशुनपुर पूर्वी, विजयीपुर के चौमुखा, कोढवलिया, बंधौरा घाट तथा भवानी छापर, हथुआ के मिर्जापुर, भोरे के लामीचौर, बनकटामल तथा बखरिया, पंचदेवरी के मझवलिया तथा कपुरी, सिधवलिया के महम्मदुपर, फुलवरिया के चौबे परसा तथा मुरार बतरहां, कुचायकोट के हेमबरदहां, कर्णपुरा तथा खेम मटिहनिया, मांझा प्रखंड के अमैठी कला, भैसहीं, धर्मपरसा तथा कटेया के त्रिलोकवा में सेंटर स्थापित हैं.

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Author: GURUDUTT NATH

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