राजेंद्र नगर बस स्टैंड की जमीन कब्जाने का मामला, गोपालगंज कोर्ट में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

Gopalganj News : भू-माफियाओं के पक्ष में आए एडीएम कोर्ट के फैसले पर डीएम ने लगाई रोक, अब खुद करेंगे सुनवाई

गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्ट
Gopalganj News : सासामुसा में हाइवे के किनारे करोड़ों की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाकर भू-माफियाओं के कब्जाने की कोशिश मामले में दर्ज कांड में जिला जज नवम राकेश रंजन सिंह की कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया. कोर्ट में अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता शारिक इमाम, एपीपी रमेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि आरोपित विजय राय वहीं व्यक्ति है जिनके दादा मंगल राय के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर राजेंद्र नगर बस स्टैंड की जमीन को सासामुसा के अजय दुबे के हाथों 1980 में बेच दिया. उसकी जांच के बाद नगर परिषद ने नगर थाने में कांड दर्ज कराया है. इस मामले में विजय राय के पिता कृपा राय के नाम पर फर्जी जमीन का दस्तावेज सासामुसा के जमीन 22 मार्च 1947 को बना लिया गया. तब से ना दाखिल- खारिज भी नहीं कराये. अब दाखिल -खारिज कराने के दावा कर रहे. विजय राय भू-माफियाओं के एक बड़े नेटवर्क का सरगना है. जो शहर से लेकर कुचायकोट व अन्य जगह के महंगे जमीन का फर्जी कागजात बाप- दादा के नाम से तैयार कर अपने रसूख के बल कर जाल- फरेब कर कब्जाने की कोशिश कर रहे. जैसे राजेंद्र बस स्टैंड में पन्ना जोड़ा गया उसी तरह से यहां भी पन्ना जोड़ा गया है. अभियोजन पक्ष की ओर से कुछ दस्तावेज कोर्ट के सामने रखा गया और दावा किया गया कि 1947 के रजिस्ट्रार के साइन भी नहीं मिलता है. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामबाबू सिंह ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष के पास कोई कागजात नहीं है. इनका दावा निराधार है. केस भी झूठा दर्ज किया गया है. इसलिए जमानत दिया जाये. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया.

सासामुसा में करोड़ों की जमीन कब्जाने का प्रयास

कप्तान विनय तिवारी के आदेश पर इस मामले में कुचायकोट थाने में भू-माफियाओं के खिलाफ कांड दर्ज कराया गया. पुलिस अब आगे कि कार्रवाई में जुटी है. विशंभरपुर थाना के तिवारी मटिहनियां गांव के रहने वाले प्रभात मणि त्रिपाठी ने तहरीर पर कांड दर्ज हुआ है. जिसमें जादोपुर थाना के मशानथाना के कृपा राय के पुत्र विजय राय व करमैनी मोहब्बत के धीरज सिंह, राजस्व कर्मचारी विनोद राय को अभियुक्त बनाया गया है. सासामुसा एनएच के किनारे खाता सं- 28, खेसरा सं- 26 की संपूर्ण भूमि उनके परिवार के स्व विश्वनाथ तिवारी द्वारा दिनांक 29 मई 1942 को क्रय की गई थी. तब से इस भूमि पर उनके परिवार का शांतिपूर्ण कब्जा रहा है और वर्तमान में जमाबंदी उनके बड़े पुत्र स्व वृजकिशोर तिवारी के नाम से कायम है. इस जमीन को कब्जाने की कोशिश में माफिया जुटे थे.

डीएम ने एडीएम कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

भू-माफियाओं का खेल सामने आने के बाद 28 अप्रैल को डीएम पवन कुमार सिन्हा ने भू-माफियाओं के द्वारा अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय की कोर्ट को गुमराह कर अपने पक्ष में लिये गये फैसले पर रोक लगा दिया. एडीएम के आदेश पर स्टे लगने के बाद भू-माफियाओं की बेचैनी बढ़ गयी. अब इस केस की सुनवाई डीएम के कोर्ट में होगी. बता दे कि 30 मार्च को एडीएम कोर्ट से जमाबंदी रद्द वाद सं-36 /25-26 में भू-माफियाओं ने अपने पक्ष में निर्णय करा लिया था.

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