बैकुंठपुर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल पर छापा, मरीज छोड़ भागे डॉक्टर

Gopalganj News: गोपालगंज के बैकुंठपुर में SDO अनिल कुमार ने बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे ‘मां सिंहासनी अस्पताल’ पर छापेमारी की, जहां डॉक्टर मरीजों को छोड़कर फरार हो गए. जांच में अवैध संचालन के सबूत मिलने पर दो महिला मरीजों को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया गया.

Gopalganj News (मनीष राज की रिपोर्ट): गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड अंतर्गत दिघवा दुबौली डाक बंगला चौक स्थित मां सिंहासनी अस्पताल में सोमवार को एसडीओ अनिल कुमार ने औचक छापेमारी की. यह बड़ी कार्रवाई सोनू कुमार नामक व्यक्ति द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के आलोक में की गई. जैसे ही अधिकारियों की गाड़ियां अस्पताल परिसर में पहुंचीं, वहाँ मौजूद डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मरीजों का इलाज बीच में ही छोड़कर पिछले दरवाजे से भाग निकले. जांच टीम को अस्पताल में मरीजों की जान के साथ सरेआम खिलवाड़ करने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है.

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था अस्पताल

प्रशासनिक जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह अस्पताल बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन या सरकारी अनुमति के अवैध रूप से चलाया जा रहा था. इस गंभीर लापरवाही को लेकर एसडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई. इस छापेमारी टीम में एसडीओ के साथ बैकुंठपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह, अंचलाधिकारी (CO) गौतम कुमार सिंह तथा प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नूर परवीन भी मुख्य रूप से मौजूद थे.

बिना डॉक्टर के चल रहा था सेंटर

सघन जांच के दौरान अस्पताल के भीतर दो महिला मरीज भर्ती पाई गईं, जिनकी पहचान अफसाना खातून और भागमणी देवी के रूप में हुई है. इसके अतिरिक्त वहां पांच अन्य लोग भी उपस्थित थे, जो अपने परिजनों का इलाज कराने आए थे. निरीक्षण के दौरान पता चला कि इस केंद्र पर सामान्य चिकित्सा के साथ-साथ बड़े ऑपरेशनों के दावे भी किए जाते थे, लेकिन मौके पर कोई भी डिग्रीधारी डॉक्टर या प्रशिक्षित स्टाफ नहीं था. एसडीओ अनिल कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दोनों पीड़ित महिला मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया.

जिलाधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट

एसडीओ ने बताया कि इस अवैध अस्पताल के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए सिविल सर्जन से समन्वय स्थापित किया जा रहा है. मामले की पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी (DM) को भेज दी गई है, जिसके बाद आगे की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इधर, इस छापेमारी की खबर जैसे ही बैकुंठपुर क्षेत्र में फैली, अवैध रूप से चल रहे अन्य निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिकों और दवा दुकानों के संचालकों में हड़कंप मच गया. कई लोग अपनी-अपनी दुकानें और शटर गिराकर मौके से भाग निकले. अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है.

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Published by: Vikas Jha

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